युवतियों को रातभर थाने में रखने के मामले में सीबीआई ने शुरू की जांच

जोधपुर। युवतियों को कथित रूप से अवैध तरीके से रातभर थाने में बंद रखने के मामले में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच पूरी तरह अपने हाथ में ले ली है। राजस्थान हाईकोर्ट के कड़े रुख और आदेश के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है। मामले को लेकर हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों द्वारा शक्तियों के दुरुपयोग और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी बेहद चिंताजनक है।


जोधपुर। युवतियों को कथित रूप से अवैध तरीके से रातभर थाने में बंद रखने के मामले में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच पूरी तरह अपने हाथ में ले ली है। राजस्थान हाईकोर्ट के कड़े रुख और आदेश के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

मामले को लेकर हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों द्वारा शक्तियों के दुरुपयोग और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी बेहद चिंताजनक है। अदालत ने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि युवतियों को नियमों के विपरीत रातभर थाने में रखा गया।

सीबीआई अब संबंधित थानाधिकारी और उपनिरीक्षक की भूमिका की विस्तार से जांच करेगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि क्या मामले में जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई। प्रारंभिक जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि थाने के सीसीटीवी फुटेज को कथित रूप से डिलीट किया गया, जिससे मामले को और गंभीर माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, सीबीआई घटना से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी डेटा, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच कराएगी। जांच एजेंसी संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ भी करेगी और यह जानने का प्रयास करेगी कि साक्ष्य मिटाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों और सहयोगियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। सीबीआई यह भी जांच करेगी कि कहीं पूरे घटनाक्रम को दबाने या रिकॉर्ड में बदलाव करने का प्रयास तो नहीं किया गया।

हाईकोर्ट ने पीड़ित युवतियों को निष्पक्ष न्याय दिलाने के उद्देश्य से पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए जल्द रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

 
 
0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response