वैश्विक मंच पर जीवंत किया मारवाड़ का 'महाकुंभ

जोधपुर के युवा बाल फिल्मकार झनक शर्मा और पूर्वांश शर्मा ने मारवाड़ की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा ‘भोगिशैल परिक्रमा’ को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया है। श्रीहरि शरणम् परिवार के “मरुजा-रित्ति। रिवाज। रचना।” अभियान के तहत निर्मित उनकी अंग्रेजी डॉक्यूमेंट्री सीरीज “भोगिशैल परिक्रमा - मारवाड़ की आस्था और अपनायत का महाकुंभ” अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। डॉक्यूमेंट्री का पहला एपिसोड “कौन - आस्था के पथिक और अपनायत के प्रतीक” अमेरिका के California International Film Festival और यूनाइटेड किंगडम के एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म सत्र में आधिकारिक रूप से सबमिट किया गया है।

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जोधपुर के युवा बाल फिल्मकार झनक शर्मा और पूर्वांश शर्मा ने मारवाड़ की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा ‘भोगिशैल परिक्रमा’ को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया है। श्रीहरि शरणम् परिवार के “मरुजा-रित्ति। रिवाज। रचना।” अभियान के तहत निर्मित उनकी अंग्रेजी डॉक्यूमेंट्री सीरीज “भोगिशैल परिक्रमा - मारवाड़ की आस्था और अपनायत का महाकुंभ” अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है।

डॉक्यूमेंट्री का पहला एपिसोड “कौन - आस्था के पथिक और अपनायत के प्रतीक” अमेरिका के California International Film Festival और यूनाइटेड किंगडम के एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म सत्र में आधिकारिक रूप से सबमिट किया गया है। इसके अलावा इस श्रृंखला को दक्षिण कोरिया, कनाडा और यूरोप के विभिन्न फिल्म फेस्टिवलों में भेजने की तैयारी भी की जा रही है।

यह डॉक्यूमेंट्री ‘भोगिशैल परिक्रमा 2023’ की कहानी को दर्शाती है, जो हर तीन वर्ष में केवल पुरुषोत्तम मास के दौरान आयोजित होती है। इस दौरान हजारों श्रद्धालु जोधपुर की पथरीली और प्राचीन पहाड़ियों के बीच कठिन पैदल यात्रा पूरी करते हैं। यह परिक्रमा मारवाड़ की आस्था, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक मानी जाती है।

सीरीज को कुल छह अध्यायों में तैयार किया गया है। पहले भाग “कौन” के बाद आगामी एपिसोड “क्या, क्यों, कब, कहाँ और कैसे” को क्रमवार जारी किया जाएगा। हर अध्याय इस परंपरा के अलग और अनछुए पहलुओं को सामने लाएगा।

फिल्म की खास बात यह है कि इसे पूरी तरह गैर-व्यावसायिक रूप से बच्चों द्वारा तैयार किया गया है। इसमें यात्रा के वास्तविक दृश्यों और प्राकृतिक वातावरण को बिना कृत्रिमता के प्रस्तुत किया गया है। अंग्रेजी भाषा में तैयार की गई यह डॉक्यूमेंट्री मारवाड़ की संस्कृति, अपनायत और पर्यावरण से जुड़ी परंपराओं को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है।

यह श्रृंखला इंटरनेट पर शैक्षणिक और सांस्कृतिक संरक्षण के उद्देश्य से सभी के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है।

 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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