आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कंटीन्यूइंग कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम-2026 का शुभारंभ

जोधपुर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में गुरुवार को “कंटीन्यूइंग कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम (CCBP)-2026” का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से पीजीआईए सेमिनार हॉल में किया गया। उद्घाटन सत्र कुलगुरु प्रोफेसर शुक्ल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों, चिकित्सकों एवं अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण वर्तमान समय की आवश्यकता है।

WhatsApp Image 2026-05-21 at 4.38.48 PM-IIUasOB4bB.jpeg

जोधपुर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में गुरुवार को “कंटीन्यूइंग कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम (CCBP)-2026” का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से पीजीआईए सेमिनार हॉल में किया गया। उद्घाटन सत्र कुलगुरु प्रोफेसर शुक्ल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों, चिकित्सकों एवं अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल व्यक्तित्व विकास और कार्यकुशलता को बढ़ाते हैं, बल्कि संस्थान की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने बताया कि एक माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों के ज्ञान, कौशल और नेतृत्व क्षमता का विकास किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, प्रशिक्षण सत्र और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

कार्यक्रम के प्रथम विशेषज्ञ व्याख्यान में प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश शर्मा ने “ट्रांसफॉर्मिंग आयुर्वेद एजुकेशन थ्रू होलिस्टिक स्किल डेवलपमेंट” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने आयुर्वेद शिक्षा में समग्र कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में आयुर्वेद शिक्षा को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण आवश्यक है।

इसके बाद डॉ. सलोनी कोहली ने “इम्पोर्टेंस ऑफ एनएबीएच एक्रेडिटेशन इन आयुष हॉस्पिटल” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने आयुष चिकित्सालयों में गुणवत्ता प्रबंधन, मानकों की पालना और एनएबीएच मान्यता की उपयोगिता को विस्तार से समझाया।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह कार्यक्रम आगामी एक माह तक चलेगा, जिसमें शिक्षकों, चिकित्सकों और अधिकारियों के लिए विभिन्न विशेषज्ञ व्याख्यान एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों की क्षमता वृद्धि के साथ संस्थान की कार्य गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाना है।

 
 
0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response