पंचायत चुनाव में मतदान करने आए अमेरिका से ससुर

तेलंगाना- तेलंगाना के निर्मल जिले से एक रोचक मामला सामने आया है , यहां एक गांव में सरपंच पद की उम्मीदवार ने सिर्फ एक वोट के अंतर से जीत हासिल की , जिससे चुनावों में हर एक वोट का महत्व पता चलता है , जिले की लोकेश्वरम मंडल स्थित ग्राम पंचायत बागापुर की यहां बात हो रही है ,।मुत्याला श्रीवेधा इस गांव की सरपंच बनी हैं_

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पंचायत चुनाव में अमेरिका से आए ससुर के वोट से बदली तस्वीर, एक वोट से जीती बहू बनी सरपंच

तेलंगाना। पंचायत चुनाव में हर एक वोट कितना अहम होता है, इसका अनोखा उदाहरण तेलंगाना के निर्मल जिले से सामने आया है। यहां एक ग्राम पंचायत में सरपंच पद का चुनाव महज एक वोट के अंतर से तय हुआ और यह एक वोट अमेरिका से आए ससुर का था। इस दिलचस्प मामले ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना दिया है।

यह मामला निर्मल जिले की लोकेश्वरम मंडल स्थित ग्राम पंचायत बागापुर का है। यहां सरपंच पद के लिए हुए चुनाव में मुत्याला श्रीवेधा ने जीत हासिल की। मतगणना के बाद सामने आया कि श्रीवेधा अपने निकटतम प्रतिद्वंदी से सिर्फ एक वोट के अंतर से विजयी हुईं। परिणाम घोषित होते ही गांव में खुशी और आश्चर्य का माहौल बन गया।

चुनाव परिणाम तब और खास हो गया जब यह जानकारी सामने आई कि विजयी उम्मीदवार के ससुर मुत्याला इंद्रकरण रेड्डी विशेष रूप से अमेरिका से भारत आए थे, ताकि वे पंचायत चुनाव में अपनी बहू के पक्ष में मतदान कर सकें। इंद्रकरण रेड्डी लंबे समय से अमेरिका में रह रहे हैं, लेकिन बहू के चुनाव को लेकर उन्होंने हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर अपने पैतृक गांव पहुंचकर मतदान किया। संयोगवश उनका यही एक वोट जीत-हार का अंतर साबित हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि इंद्रकरण रेड्डी मतदान के लिए नहीं आते, तो चुनाव का परिणाम कुछ और भी हो सकता था। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में एक-एक वोट की कीमत होती है और हर मतदाता की भागीदारी बेहद जरूरी है।

मुत्याला श्रीवेधा ने जीत के बाद कहा कि यह उनकी नहीं बल्कि पूरे गांव की जीत है। उन्होंने अपने ससुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका समर्थन और विश्वास उनके लिए प्रेरणा बना। वहीं, गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी इस चुनाव परिणाम को लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक बताया।

यह घटना उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो यह सोचते हैं कि एक वोट से कोई फर्क नहीं पड़ता। तेलंगाना के इस छोटे से गांव ने साबित कर दिया कि कभी-कभी एक ही वोट इतिहास रच सकता है और नेतृत्व की दिशा बदल सकता है।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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