आर्य समाज में बसंत पंचमी पर विशेष यज्ञ आयोजित

जोधपुर। शहर के शास्त्रीनगर स्थित आर्य समाज मंदिर में शुक्रवार को बसंत पंचमी पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवा एवं बच्चों ने सहभागिता की। मंदिर परिसर में वैदिक वातावरण बना रहा और यज्ञ की पवित्र अग्नि में आहुतियां देकर विश्व कल्याण की कामना की गई।

 

WhatsApp Image 2026-01-23 at 6.39.41 PM-KjGbeFXX6r.jpeg

आर्य समाज में बसंत पंचमी पर विशेष यज्ञ आयोजित

जोधपुर। शहर के शास्त्रीनगर स्थित आर्य समाज मंदिर में शुक्रवार को बसंत पंचमी पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवा एवं बच्चों ने सहभागिता की। मंदिर परिसर में वैदिक वातावरण बना रहा और यज्ञ की पवित्र अग्नि में आहुतियां देकर विश्व कल्याण की कामना की गई।

कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में सुनीता प्रजापत एवं पुखराज प्रजापत रहे। यज्ञ के ब्रह्मा आर्य समाज के वरिष्ठ उपप्रधान रामदयाल आर्य रहे, जिन्होंने वैदिक मंत्रों के माध्यम से यज्ञ सम्पन्न कराया और यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण शुद्धि, मानसिक शांति एवं सामाजिक सद्भाव का माध्यम भी है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए आर्य समाज मंत्री सुधांशु टाक ने बसंत पंचमी के महत्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बसंत ऋतु के आगमन से प्रकृति में हरियाली, सौंदर्य और खुशबू फैल जाती है, उसी प्रकार हमें भी अपने वचन, विचार और आचरण से समाज में सहयोग, सेवा और सद्भाव का भाव विकसित करना चाहिए। उन्होंने वैदिक जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुकेश रावल ने अपने उद्बोधन में कहा कि बसंत ऋतु के आगमन से प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार होता है। उसी प्रकार यज्ञ के माध्यम से दिन का प्रारंभ करने से तन, मन और आत्मा में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने बच्चों, युवाओं, महिलाओं और पुरुषों से नियमित रूप से यज्ञ एवं सत्कर्मों को अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर ढगलाई देवी, मीना टाक, रोहित प्रजापत, कृष्णा रावल, प्रियांशु वैष्णव, दीक्षा, वेदिका, स्नेहा सहित अनेक आर्य समाजी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ।

 
 
0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response