जोधपुर: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एम्स में चिकित्सकीय परीक्षण
जोधपुर। लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का शुक्रवार को जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। सेंट्रल जेल में निरुद्ध सोनम वांगचुक को सुबह सुरक्षा व्यवस्था के बीच एम्स की इमरजेंसी यूनिट में ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनकी जांच की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक ने पेट में गंभीर दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में उन्हें गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट को दिखाया गया। एम्स में आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण और परामर्श के बाद उन्हें पुनः सेंट्रल जेल लाया गया। उनकी सेहत पर डॉक्टरों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक की मेडिकल जांच से संबंधित रिपोर्ट जेल प्रशासन को प्राप्त होगी, जिसे आगामी 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाने वाली पालना रिपोर्ट के साथ संलग्न किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में बंदी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। वे शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और हिमालयी क्षेत्रों के सतत विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनकी पहचान एक नवाचारी शिक्षाविद् और सामाजिक चिंतक के रूप में भी रही है।
सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद से वे सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर देशभर में विभिन्न सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों द्वारा समय-समय पर प्रतिक्रिया भी सामने आती रही है।
फिलहाल, जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार आगे के उपचार की आवश्यकता होने पर आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही गई है। प्रशासन का कहना है कि सोनम वांगचुक को सभी जरूरी चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा।
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