शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 08:32 PM

जोधपुर से कंबोडिया तक फैला 1100 करोड़ का साइबर फ्रॉड नेटवर्क बेनकाब

जोधपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी सिम कार्ड के जरिए देशभर में करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले नेटवर्क को बेनकाब किया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कंबोडिया के 4 नागरिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनके विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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जोधपुर से कंबोडिया तक फैला 1100 करोड़ का साइबर फ्रॉड नेटवर्क बेनकाब
फर्जी सिम के जरिए देशभर में ठगी, 6 आरोपी गिरफ्तार, 4 कंबोडियाई नागरिकों पर केस
जोधपुर।
जोधपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी सिम कार्ड के जरिए देशभर में करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले नेटवर्क को बेनकाब किया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कंबोडिया के 4 नागरिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनके विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश पासवान ने बताया कि यह गिरोह जोधपुर से फर्जी तरीके से सिम कार्ड हासिल कर उन्हें कंबोडिया में बैठे अपने साथियों तक पहुंचाता था। इन सिम कार्डों का इस्तेमाल कंबोडिया से भारत में साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिछले एक वर्ष में भारत से करीब 3 लाख फर्जी सिम कार्ड कंबोडिया भेजे गए।
जोधपुर पुलिस द्वारा की गई 5378 सिम कार्डों की जांच में खुलासा हुआ कि इन सिमों के माध्यम से देशभर में 1100 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी की गई। इनमें से 210 सिम राजस्थान से जारी हुई थीं, जिनके जरिए 25 करोड़ रुपए की ठगी की गई।
90 लाख की ठगी से खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब कांस्टेबल रामदयाल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जोधपुर के मुराद अली के नाम से जारी एक संदिग्ध सिम कार्ड को ट्रेस किया। जांच में सामने आया कि इसी सिम के जरिए तेलंगाना में 90 लाख रुपए की ठगी कंबोडिया से की गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि प्रकाश भील ने फर्जीवाड़ा कर यह सिम हासिल की थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं और एक के बाद एक आरोपी पुलिस के शिकंजे में आते गए।
बल्क रिचार्ज से चलता था पूरा खेल
गहन जांच में यह भी सामने आया कि कंबोडिया में इस्तेमाल हो रही इन सिम कार्डों का बल्क रिचार्ज किया जाता था, जिसमें एक साथ 10 से 20 हजार सिम कार्ड रिचार्ज होते थे। इस प्रक्रिया में सिंगापुर की एक कंपनी और एक भारतीय नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
इस तरह बनाए जाते थे फर्जी सिम
जांच में खुलासा हुआ कि सिम विक्रेता ग्राहकों को एक सिम देते थे, जबकि एक अतिरिक्त सिम खुद सक्रिय कर अपने पास रख लेते थे। इसी कूटरचित तरीके से बड़ी संख्या में फर्जी सिम कार्ड तैयार किए जाते थे।
ये सिम कार्ड राहुल कुमार झा (सांगरिया, जोधपुर) के माध्यम से मलेशिया के चार नागरिकों — यू मिंग चिन, लो डाई खेन, ली जियान हुई और लिऑन्ग केन नेथ — तक पहुंचाए जाते थे, जो इन्हें कंबोडिया में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल करते थे।
गिरफ्तार आरोपी
हेमंत पंवार (40) – नागौर | सिम डिस्ट्रीब्यूटर
रामावतार राठी (24) – नागौर | सिम विक्रय एजेंट
हरीश मालाकार (34) – किशनगढ़ | मोबाइल रिपेयरिंग
मोहम्मद शरीफ (22) – जोधपुर | सहयोगी
संदीप भट्ट (27) – लुधियाना | सहयोगी
प्रकाश भील (25) – जोधपुर | सिम एजेंट
पुलिस आयुक्त ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे व गिरफ्तारियां संभव हैं।
यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ जोधपुर पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है।

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Author
Rajendra Harsh
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