जोधपुर मंडल को 2025-26 में मिला 1926 करोड़ रुपये उल्लेखनीय राजस्व

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 1926 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय आय अर्जित की है। यह उपलब्धि मंडल की सुदृढ़ कार्यप्रणाली,बेहतर संसाधन प्रबंधन तथा यात्री एवं माल यातायात में निरंतर वृद्धि का परिणाम है।

 

WhatsApp Image 2026-02-08 at 5.19.49 PM-eaTZov5FE2.jpeg

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 1926 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय आय अर्जित की है। यह उपलब्धि मंडल की सुदृढ़ कार्यप्रणाली,बेहतर संसाधन प्रबंधन तथा यात्री एवं माल यातायात में निरंतर वृद्धि का परिणाम है।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि अर्जित कुल राजस्व में से 981.06 करोड़ रुपये माल भाड़ा आय के रूप में तथा 698.59 करोड़ रुपये यात्री भाड़ा आय के रूप में प्राप्त हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि मंडल ने माल परिवहन के साथ-साथ यात्री सेवाओं के क्षेत्र में भी संतुलित एवं प्रभावी प्रदर्शन किया है।

उन्होंने जानकारी दी कि दिसंबर 2025 तक मंडल का दक्षता निष्पादन सूचकांक(पीईआई) 62.04 प्रतिशत रहा। यह सूचकांक पिछले वर्ष के 65.18 प्रतिशत की तुलना में बेहतर वित्तीय अनुशासन एवं संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग को दर्शाता है। पीईआई में यह सुधार मंडल की समग्र वित्तीय सेहत और परिचालन दक्षता का प्रमाण है।

डीआरएम ने बताया कि परिचालन लागत में कमी लाने तथा पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से जोधपुर मंडल में कई नवाचारात्मक पहलें की गई हैं।   ‘ईंधन अपने द्वार’(एफएडीएस)अभियान के अंतर्गत नॉन-ट्रैक्शन फ्यूल की आपूर्ति अब सीधे गंतव्य स्थल पर की जा रही है,जिससे समय की बचत के साथ-साथ ईंधन प्रबंधन में भी प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हुआ है।

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी जोधपुर मंडल आधुनिक तकनीक, बेहतर योजना एवं कर्मचारी सहभागिता के माध्यम से राजस्व वृद्धि,यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा परिचालन दक्षता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

ई-वीए प्रणाली से भत्तों की ऑनलाइन जांच हुई प्रारंभ

इसके साथ ही मंडल में ई-वीए  प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से विभिन्न प्रकार के भत्तों की ऑनलाइन जांच एवं सत्यापन प्रक्रिया को अधिक सरल,तेज एवं पारदर्शी बनाया गया है,जिससे प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ई-वीए प्रणाली के अंतर्गत भत्तों से संबंधित दावों की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है,जिससे मैनुअल कार्य,अनावश्यक देरी एवं त्रुटियों में कमी आई है। यह व्यवस्था पारदर्शिता,त्वरित निस्तारण एवं प्रशासनिक दक्षता को सुनिश्चित करती है तथा कर्मचारियों को समय पर उनके वैध भत्तों का लाभ मिल पाता है।

0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response