असम के होजाई में हाथियों से टकराई राजधानी एक्सप्रेस, पांच डिब्बे पटरी से उतरे

असम के होजाई जिले में आज सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया। सैरांग–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन जंगल क्षेत्र से गुजरते समय हाथियों के झुंड से टकरा गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में ट्रेन के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए, जबकि आठ हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक हाथी गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है, जिसे वन विभाग की टीम द्वारा उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

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असम के होजाई में हाथियों से टकराई राजधानी एक्सप्रेस, पांच डिब्बे पटरी से उतरे

असम के होजाई जिले में आज सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया। सैरांग–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन जंगल क्षेत्र से गुजरते समय हाथियों के झुंड से टकरा गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में ट्रेन के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए, जबकि आठ हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक हाथी गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है, जिसे वन विभाग की टीम द्वारा उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना आज तड़के उस समय हुई, जब राजधानी एक्सप्रेस तेज रफ्तार से गुजर रही थी। अचानक रेलवे ट्रैक पर हाथियों का झुंड आ गया, जिससे चालक को ब्रेक लगाने का मौका नहीं मिल सका और ट्रेन हाथियों से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इंजन सहित पांच डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

सौभाग्य से इस दुर्घटना में किसी भी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे, पुलिस एवं वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारण इस मार्ग पर रेल यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। ट्रैक को बहाल करने एवं क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। वहीं, वन विभाग द्वारा मृत हाथियों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा घायल हाथी के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र हाथियों के आवागमन का पारंपरिक मार्ग है और पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों ने रेलवे ट्रैक पर हाथियों की आवाजाही को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने, गति सीमा कम करने और चेतावनी प्रणालियां लगाने की मांग की है।

इस हादसे ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और रेलवे संचालन के बीच संतुलन बनाए जाने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

 
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Author
Rajendra Harsh
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