जोधपुर में “बचाव एवं पुनर्वास अभियान” के तहत नाबालिग बालक बालश्रम से मुक्त
जोधपुर। पुलिस आयुक्त जोधपुर ओमप्रकाश एवं श्रीमान पुलिस उपायुक्त जोधपुर पूर्व पी.डी. नित्या के निर्देशन में तथा पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार बाल एवं किशोर श्रम में लगे बच्चों एवं सड़क पर रहने वाले बेघर बच्चों को बचाने के लिए चलाए जा रहे “बचाव एवं पुनर्वास अभियान” के अंतर्गत एक नाबालिग बालक को बालश्रम से मुक्त करवाया गया।
यह कार्यवाही अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सिविल राइट्स एवं ए.एच.टी.) राजस्थान, जयपुर के कार्यालय पत्रांक-60 दिनांक 22.01.2026 की पालना में की गई। जिले में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत बालश्रम की रोकथाम एवं नाबालिग बच्चों के संरक्षण हेतु प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
कार्यवाही का विवरण देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आज दिनांक 28.01.2026 को शुभकरण, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, एसआईयूसीएडब्ल्यू जोधपुर पूर्व के निकटतम सुपरविजन में मानव तस्करी विरोधी यूनिट (AHTU), जोधपुर पूर्व की टीम द्वारा बनाड़ रोड स्थित आरोड़ा स्वीट्स एण्ड नमकीन, भारत पेट्रोल पम्प के सामने निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उक्त दुकान पर एक नाबालिग बालक से बालश्रम करवाया जाना पाया गया।
पुलिस टीम ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए नाबालिग बालक को नियमानुसार संरक्षण में लिया और उसे बाल कल्याण समिति, जोधपुर के समक्ष पेश किया। बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार बालक को किशोर गृह, मंडोर में दाखिल करवाया गया, जहां उसके पुनर्वास एवं देखभाल की उचित व्यवस्था की गई है। इसके पश्चात संबंधित पुलिस थाना बनाड़ में दुकान संचालक के विरुद्ध बालश्रम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
इस पूरी कार्यवाही में प्रभारी मानव तस्करी विरोधी यूनिट, जोधपुर पूर्व के नेतृत्व में पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। टीम में सुमन कुमारी (उप निरीक्षक), मेघाराम (हेड कांस्टेबल नं. 677), बबली (महिला कांस्टेबल नं. 1800), कन्हैयालाल (कांस्टेबल नं. 1940) एवं ओमप्रकाश (कांस्टेबल चालक नं. 623) शामिल रहे।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बालश्रम जैसी सामाजिक बुराई की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
Write a Response