बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 10:47 AM

रलावास गांव में श्मशान भूमि के मुद्दे पर ग्रामीणों का ज्ञापन

जोधपुर। आज रलावास गांव के समस्त ग्रामवासियों ने श्मशान भूमि आवंटन एवं उससे जुड़े विवाद को लेकर जोधपुर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में वर्षों से श्मशान के रूप में उपयोग में ली जा रही भूमि पर किसी प्रकार की अन्य गतिविधियां रोकी जाएं तथा उसे विधिवत रूप से श्मशान भूमि घोषित किया जाए।

 

WhatsApp Image 2026-01-19 at 7.21.29 PM (1) (1)-15AM2EEip5.jpg

रलावास गांव में श्मशान भूमि के मुद्दे पर ग्रामीणों का ज्ञापन, वर्षों से उपयोग में ली जा रही भूमि पर आपत्ति

जोधपुर। आज रलावास गांव के समस्त ग्रामवासियों ने श्मशान भूमि आवंटन एवं उससे जुड़े विवाद को लेकर जोधपुर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में वर्षों से श्मशान के रूप में उपयोग में ली जा रही भूमि पर किसी प्रकार की अन्य गतिविधियां रोकी जाएं तथा उसे विधिवत रूप से श्मशान भूमि घोषित किया जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान भोपालगढ़ विधायक गीता बरवड़ ग्रामीणों के साथ उपस्थित रहीं। साथ ही ग्राम पंचायत रलावास के सरपंच मोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। ग्रामीणों की ओर से देवी सिंह, भंवराराम, अणदाराम, रामदयाल, बंसीलाल, रामूराम, छगनराम, मंगला राम, मोहन राम, भंवरा राम, प्रकाश राम, राधेश्याम, रूगनाथराम, रविन्द्र, सुनील, विक्रम, दिनेश सहित समस्त ग्रामवासी रलावास ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम रलावास में वर्गानुसार बैठक एवं वार्ता के दौरान यह तथ्य सामने आया कि खसरा संख्या से संबंधित उक्त भूमि को पिछले कई वर्षों से श्मशान के रूप में उपयोग में लिया जा रहा है। इसके बावजूद उस भूमि पर सीमांकन करवाने तथा अन्य प्रयोजनों के लिए मार्ग अथवा आवागमन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जो कि पूरी तरह अनुचित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इससे श्मशान की पवित्रता और सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उक्त भूमि का विवरण जमाबंदी एवं राजस्व नक्शों में स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित खसरा भूमि को श्मशान के रूप में दर्ज कर राजस्व अभिलेखों में आवश्यक संशोधन किया जाए।

विधायक गीता बरवड़ ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए कहा कि श्मशान भूमि जैसी संवेदनशील आवश्यकता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई की जाए।

प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा।

 
 
0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response