जोधपुर शहर के भीतरी क्षेत्र में फिरौती के लिए मासूम बच्चे के अपहरण व हत्या के सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला न्यायाधीश संख्या-7 की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला लंबे समय से चल रही सुनवाई के बाद आज पारित किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत पैरवी की गई। बच्चे के परिवार की ओर से लोक अभियोजक राजाराम चौधरी के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता नीलकमल बोहरा, निलेश बोहरा एवं गोकुलेश बोहरा ने अदालत में पक्ष रखा। अभियोजन ने अदालत को अवगत कराया कि आरोपी किशन गोपाल सोनी, जो पीड़ित परिवार का पड़ोसी था, ने लालच में आकर पांच साल के मासूम बच्चे का पहले फिरौती के उद्देश्य से अपहरण किया और बाद में निर्ममता से उसकी हत्या कर दी।
अदालत में पेश तथ्यों के अनुसार आरोपी ने बच्चे के परिजनों से मोटी रकम की मांग की थी। जब मामला सामने आने का खतरा बढ़ा, तो आरोपी ने बच्चे की हत्या कर शव को छिपाने का प्रयास किया। इस जघन्य अपराध से पूरे इलाके में उस समय दहशत का माहौल फैल गया था।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 35 गवाहों के बयान दर्ज करवाए तथा 189 महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए, जिनके आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध पूरी तरह सिद्ध हुआ। साक्ष्यों और गवाहों के बयान को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
सभी पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला न्यायाधीश संख्या-7 ने अपने निर्णय में कहा कि यह अपराध समाज को झकझोर देने वाला है और ऐसे मामलों में कठोर सजा देना आवश्यक है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी किशन गोपाल सोनी को आजीवन कारावास की सजा सुनाने का आदेश पारित किया।
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया, वहीं अदालत के इस निर्णय को समाज में अपराध के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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