जोधपुर में दीपोत्सव क्राफ्ट बाजार एवं पंच गौरव ओडीओपी प्रदर्शनी का शुभारंभ
- Posted on 14 अक्टूबर 2026
- सामान्य समाचार
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। स्थानीय हस्तशिल्प को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पाली रोड स्थित अर्बन हाट में मंगलवार को ‘दीपोत्सव क्राफ्ट बाजार’ एवं ‘पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत ओडीओपी प्रदर्शनी’ का विधिवत शुभारंभ हुआ। जिला प्रशासन, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र तथा उद्यम प्रोत्साहन संस्थान, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जिला कलक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में हुआ। समारोह में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा, लघु उद्योग भारती के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा सहित अधिकारी एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जोधपुर। स्थानीय हस्तशिल्प को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पाली रोड स्थित अर्बन हाट में मंगलवार को ‘दीपोत्सव क्राफ्ट बाजार’ एवं ‘पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत ओडीओपी प्रदर्शनी’ का विधिवत शुभारंभ हुआ। जिला प्रशासन, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र तथा उद्यम प्रोत्साहन संस्थान, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जिला कलक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में हुआ। समारोह में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा, लघु उद्योग भारती के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा सहित अधिकारी एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिला कलक्टर ने किया स्टॉलों का अवलोकन
जिला कलक्टर आलोक रंजन ने क्राफ्ट बाजार और ओडीओपी पवेलियन का अवलोकन कर शिल्पकारों से संवाद किया। उन्होंने उनकी कला एवं रचनात्मकता की सराहना करते हुए मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय उत्पादों को अधिक पहचान और विपणन के अवसर मिल सकें। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले जोधपुर के शिल्पकारों को भी सम्मानित किया गया।
पारंपरिक उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी
प्रदर्शनी में जोधपुर के प्रमुख उत्पाद लकड़ी के हस्तनिर्मित फर्नीचर के साथ सालावास की दरियां, आरी-तारी एवं जरी कला, लाख की चूड़ियां, बंधेज, कोटा डोरिया, वुडन एवं मेटल हैंडीक्राफ्ट, जूट बैग, पॉटरी, खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों सहित विभिन्न हस्तनिर्मित वस्तुओं के स्टॉल लगाए गए हैं। म्यूजियम हॉल में विंटेज क्लॉक, इनले वर्क, गोल्ड एम्बॉस वर्क तथा ऊंट की हड्डी से निर्मित बारीक कलाकृतियां भी प्रदर्शित की गई हैं।
लाइव डेमो से दिखाया पारंपरिक हुनर
आयोजन में सालावास के कारीगर गनी मोहम्मद द्वारा लूम पर दरी निर्माण, वर्षा माली द्वारा चाक पर मिट्टी के उत्पाद तैयार करने तथा रामरख जाट द्वारा लकड़ी एवं लोहे के फर्नीचर पर रस्सी से बुनाई का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। आरी-तारी और पेपर मेशी की निर्माण प्रक्रिया भी दिखाई जा रही है।
संयुक्त आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य तथा महाप्रबंधक पूजा मेहरा ने बताया कि प्रदर्शनी शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों को उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए मंच प्रदान करेगी। मेले में राजस्थान सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कारीगर भाग ले रहे हैं। सांस्कृतिक संध्या में घूमर, चरी नृत्य और कच्ची घोड़ी की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। फूड कोर्ट और विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजन का हिस्सा हैं।
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