पूंजीवादी- सामंती सोच का परिणाम है ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे

जोधपुर, 17 दिसंबर 2025, पूंजीवादी एवं सामंती सोच के कारण सरकार किसानो की भूमियों को छीनने पर उतारू है । किसान आक्रोश में हे।जो सड़कों पर अनेक  स्थानों पर प्रकट हो चुका है ।राजस्थान में नौ एक्सप्रेसवे बनाने की बजट 2025 -26 मे घोषणा की गई थी, जिनमें से अभी भरतपुर- ब्यावर एवं  कोटपूतली- किशनगढ़ का कार्य आरंभ होने की स्थिति में है।

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पूंजीवादी- सामंती सोच का परिणाम है ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे,-रामपाल जाट, राष्ट्रीय अध्यक्ष- किसान महापंचायत  
खेत को पानी -फसल को दाम एवं युवाओं को काम के साथ कृषि भूमि एवं किसानों को बचाने के लिए 30 दिसंबर 2025 को 50,000 किसान प्रतिनिधियों के जयपुर में जुटने की चल  रही है तैयारी
जोधपुर, 17 दिसंबर 2025, पूंजीवादी एवं सामंती सोच के कारण सरकार किसानो की भूमियों को छीनने पर उतारू है । किसान आक्रोश में हे।जो सड़कों पर अनेक  स्थानों पर प्रकट हो चुका है ।राजस्थान में नौ एक्सप्रेसवे बनाने की बजट 2025 -26 मे घोषणा की गई थी, जिनमें से अभी भरतपुर- ब्यावर एवं  कोटपूतली- किशनगढ़ का कार्य आरंभ होने की स्थिति में है।कृषि प्रधान भारत में खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से सिंचित एवं बहुफसली कृषि भूमियों का अधिग्रहण रोकने के लिए 1 जनवरी 2014 से अस्तित्व में आए भूमि अधिग्रहण संबंधी कानून में प्रावधान किया गया। तदोपरांत भी ऐसी भूमियों का अधिग्रहण निरंतर चल रहा है, इसके लिए धारा 10 में परंतुक जोड़कर मार्ग प्रशस्त कर दिया। जबकि 'खेत को पानी', 'फसल को दाम', 'युवाओं को काम' के लिए किसान केन्द्रित राजनीति एवं ग्राम आधारित अर्थव्यवस्था की महती आवश्यकता  है। इस हेतु से किसान महापंचायत की ओर से 6 अक्टूबर 2025 को "अन्नदाता हुंकार रैली" का आयोजन निश्चित था। राजस्थान के 45,539 गांव से औसत एक प्रतिनिधि की उपस्थिति की तैयारी भी हो गई थी। सरकार की ओर से वार्ता की पेशकश की गई, जिसके आधार पर 3 अक्टूबर को किसानों एवं राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के मध्य वार्ता आयोजित हुई। सरकार ने सकारात्मक रुख दर्शाते हुए ज्ञापन में उल्लेखित किसानों की समस्याओं के लिए वार्ता का क्रम आरंभ रखते हुए समाधान के लिए आश्वस्त भी किया था। इसलिए 6 अक्टूबर की रैली स्थगित कर दी गई। सरकार द्वारा सार्थक कार्यवाही नहीं होने पर किसान महापंचायत ने 26 अक्टूबर 2025 को प्रस्ताव पारित कर 30 दिसंबर को "अन्नदाता हुंकार रैली" का शंखनाद किया। उसी के क्रम में 17 नवंबर को शहीद स्मारक जयपुर पर एवं जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना आयोजित कर सरकार को चेतावनी दी गयी। देश की समृद्धि के लिए सरकार को काम करना चाहिए था किन्तु उसके विपरीत सरकार ने किसानों की कृषि भूमियों के अधिग्रहण की कार्यवाही आरंभ कर दी, जो किसानों कों 'कटे घाव पर नमक छिड़कने' जैसे लगा। ज़ब भरत जी अपने ननिहाल से अयोध्या आए तो उन्हें राम के वनवास जाने, उनके लिए राज मांगने एवं पिता दशरथ के मरण का समाचार मिलने पर  उन्हें जिस दारूण दुख ने घेरा था, उसी दारुण दुख से किसान आज घिरा हुआ है।  जिसे खोटे ग्रह लग जाए, फिर उसे वायु पीड़ा हो जाए, फिर उसे बिच्छू डंक मार दे, फिर उसे मदिरा पिला दी जाए, तो उसका उपचार कठिन हो जाता है, इससे उत्पन्न होने वाले दारुण दुख का वर्णन तुलसीकृत रामायण में किया गया है। 
किसानों ने राजस्थान में बनने वाले कोटपूतली से किशनगढ़ सहित 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे को निरस्त करने का सरकार से आग्रह किया। इसी के संबंध में किसानों ने “जान दे देंगे किन्तु इस प्रकार की सड़क के लिए ज़मीन नहीं देंगे” संकल्प लिया। गाँव-गाँव में संकल्प दिलाने के लिए संकल्प पत्र तैयार किये। इसी को आगे बढ़ाने के लिए पनियाला मोड़, कोटपूतली से अजमेर जिले के किशनगढ़ तक 'तिरंगा चेतना यात्रा' निकालने का निर्णय लिया है। इस यात्रा के संयोजक किसान महापंचायत राजस्थान के मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारणियां रहेंगे। इस  यात्रा में राष्ट्रीय तिरंगा झंडा लेकर संबंधित विधानसभा  के यात्री अगुवाई करेंगें इससै
पूंजीवादी- सामंती सोच के परिणाम  भारतमाला परियोजनांतर्गत बनने वाले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे निरस्त हो सकेंगे तथा खेत को पानी- फसल को दाम- युवाओं को काम का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। इसी क्रम में इस वर्ष सरकार द्वारा मूंगफली, मूंग, सोयाबीन, उड़द फसलों की 25,435 किसानों की बकाया राशि 567.30 करोड़ों रुपए का भी तत्काल भुगतान हो सकेगा।
     किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट का 16, 17,18, 19 दिसंबर चार दिवसीय प्रवास चल रहा है। इसके क्रम में 16 दिसंबर को दूदू एवं किशनगढ़ में कार्यकर्ताओं की बैठक हुई, अजमेर जिले के काजीपुरा तथा मंगलियावास गांव में संपर्क करते हुए 30 दिसंबर अन्नदाता हुंकार रैली में भाग लेने की चर्चा की गई।  
 इस प्रवास में प्रदेश महामंत्री जगदीश नारायण खुडियाला, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बेरवा तथा मोजमाबाद तहसील के संयोजक-बजरंग लाल जाजुंदा, साथ चल रहे हैं। जोधपुर मैं प्रदेश मंत्री भल्लाराम चौधरी, जोधपुर संभाग अध्यक्ष नाथूराम चौधरी, रैली के संयोजक राजेंद्र कुमार, अमराराम गोदारा, उगम राज, गजेंद्र सिंह सोलंकी, भागीरथ सेन, भंवराराम जाट, एडवोकेट अर्जुन राम भूंकर आदि कार्यकर्ताओं के साथ रैली को सफल बनाने  के लिए विचार विमर्श किया गया। जिसमें  30-दिसंबर तक का संपूर्ण समय  अमरारामगोदारा, नाथूरामचौधरी, उगम राज ,भंवराराम,
 10-10 दिन का समय भल्लाराम चौधरी, भागीरथ सेन, गजेंद्र सिंह ने देने का संकल्प व्यक्त किया।

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Author
Rajendra Harsh
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