सूर्य सप्तमी के अवसर पर शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज की भव्य शोभायात्रा
सूर्य सप्तमी के पावन अवसर पर शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज की ओर से शहर में भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह शोभायात्रा भीतरी शहर स्थित फतेह पोल से विधिवत रूप से प्रारंभ होकर चांदपोल होते हुए भास्कर वाटिका तक निकाली गई। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
शोभायात्रा में समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों, बुजुर्गों एवं युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर सहभागिता निभाई। केसरिया, पीत एवं श्वेत रंग की पारंपरिक पोशाकों में सजे श्रद्धालु अनुशासनबद्ध रूप से चलते नजर आए। भगवान सूर्यदेव की सुसज्जित झांकी शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रही, जिसे देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
वेद मंत्रोच्चार, शंखनाद और भजन-कीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। “जय सूर्यदेव” के जयघोष से शहर की गलियां गूंज उठीं। शोभायात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं समाजसेवियों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कई जगहों पर जलपान एवं प्रसाद की व्यवस्था भी की गई, जिससे सहभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
आयोजन का प्रमुख उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना को जागृत करना, सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण करना तथा आपसी एकता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना रहा। समाज के वरिष्ठ जनों ने बताया कि सूर्य सप्तमी का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य का भी संदेश देता है।
शोभायात्रा के समापन पर भास्कर वाटिका में विधिवत विशेष सूर्य पूजन किया गया। पंडितों द्वारा वैदिक विधि से पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और अत्यंत श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
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