मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 06:57 AM

दिव्यांश ने जीता ‘मोस्ट वोटेड टशनबाज परफॉर्मेंस ऑफ द ईयर’ का खिताब

राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के छात्र दिव्यांश व्यास ने अपनी अनोखी प्रतिभा से कॉलेज के कार्यक्रम ‘टशनबाज’ में दर्शकों का दिल जीत लिया। दिव्यांश ने सिर्फ मटकी को वाद्य यंत्र के रूप में इस्तेमाल करते हुए मधुर धुनों की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी इस अनोखी परफॉर्मेंस ने कार्यक्रम में मौजूद ऑडियंस को खासा प्रभावित किया और उन्हें सबसे ज्यादा वोट मिले। दिव्यांश की मटकी पर दी गई प्रस्तुति को कुल 2623 वोट प्राप्त हुए। दर्शकों के बीच उनकी परफॉर्मेंस को मिली जबरदस्त लोकप्रियता के आधार पर उन्हें ‘मोस्ट वोटेड टशनबाज परफॉर्मेंस ऑफ द ईयर’ के खिताब से नवाजा गया। यह उपलब्धि उनके लिए खास रही, क्योंकि उन्होंने पारंपरिक वाद्य यंत्रों से अलग हटकर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली मटकी से संगीत की शानदार प्रस्तुति देकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।

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  1. राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के छात्र दिव्यांश व्यास ने अपनी अनोखी प्रतिभा से कॉलेज के कार्यक्रम ‘टशनबाज’ में दर्शकों का दिल जीत लिया। दिव्यांश ने सिर्फ मटकी को वाद्य यंत्र के रूप में इस्तेमाल करते हुए मधुर धुनों की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी इस अनोखी परफॉर्मेंस ने कार्यक्रम में मौजूद ऑडियंस को खासा प्रभावित किया और उन्हें सबसे ज्यादा वोट मिले।

    दिव्यांश की मटकी पर दी गई प्रस्तुति को कुल 2623 वोट प्राप्त हुए। दर्शकों के बीच उनकी परफॉर्मेंस को मिली जबरदस्त लोकप्रियता के आधार पर उन्हें ‘मोस्ट वोटेड टशनबाज परफॉर्मेंस ऑफ द ईयर’ के खिताब से नवाजा गया। यह उपलब्धि उनके लिए खास रही, क्योंकि उन्होंने पारंपरिक वाद्य यंत्रों से अलग हटकर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली मटकी से संगीत की शानदार प्रस्तुति देकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।

    कार्यक्रम के दौरान दिव्यांश की प्रस्तुति ने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि उनकी रचनात्मकता और संगीत के प्रति जुनून को भी सामने रखा। मटकी से अलग-अलग सुर निकालकर उन्होंने जिस तरह मधुर धुनें पेश कीं, उसे ऑडियंस ने खूब सराहा। प्रस्तुति के बाद वोटिंग के जरिए दर्शकों ने अपना पसंदीदा परफॉर्मर चुना, जिसमें दिव्यांश सबसे आगे रहे।

    मोस्ट वोटेड टशनबाज परफॉर्मेंस ऑफ द ईयर का खिताब मिलने पर दिव्यांश को सर्टिफिकेट के साथ 5 हजार रुपये का कैश प्राइज भी दिया गया। इस सम्मान के बाद यूनिवर्सिटी और उनके साथी छात्रों के बीच भी खुशी का माहौल रहा।

    दिव्यांश की इस उपलब्धि ने यह भी साबित किया कि प्रतिभा दिखाने के लिए महंगे या आधुनिक उपकरण जरूरी नहीं हैं। लगन, रचनात्मकता और हुनर के दम पर साधारण चीज को भी कला का माध्यम बनाया जा सकता है। मटकी पर उनकी प्रस्तुति अब कार्यक्रम की यादगार परफॉर्मेंस में शामिल हो गई है।

     
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Author
Rajendra Harsh
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