खेजड़ी बचाओ हरे वृक्षों संरक्षण हेतु विशेष कानून की मांग
- Posted on 5 जनवरी 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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प्रदेश में हरे वृक्षों, विशेषकर राज्य वृक्ष खेजड़ी एवं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अलग से प्रभावी व कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर आज संत सानिध्य एवं वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में जोधपुर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
खेजड़ी बचाओ हरे वृक्षों संरक्षण हेतु विशेष कानून की मांग को लेकर संत सानिध्य व वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में जोधपुर एडीएम को सौंपा ज्ञापन
जोधपुर।
प्रदेश में हरे वृक्षों, विशेषकर राज्य वृक्ष खेजड़ी एवं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अलग से प्रभावी व कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर आज संत सानिध्य एवं वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में जोधपुर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
यह ज्ञापन स्वामी शिवदास शास्त्री (महंत, रुड़कली), स्वामी गोपालदास जी (महंत, रामड़ावास) एवं स्वामी राजूदास जी (जाजीवाल धोरा) के पावन सानिध्य में तथा वरिष्ठ नेता फरसराम बिश्नोई, नारायण डाबड़ी, पप्पूराम डारा, ओमप्रकाश लोल एवं रामनिवास बुधनगर के नेतृत्व में दिया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश में विभिन्न विकास परियोजनाओं, खनन गतिविधियों एवं प्रशासनिक लापरवाही के चलते खेजड़ी, रोहिड़ा, जाल, कुमट एवं फोग जैसे वृक्षों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। इससे न केवल पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास भी तेजी से समाप्त हो रहे हैं। विशेष रूप से राज्य पक्षी गोडावण जैसे संकटग्रस्त जीवों का अस्तित्व खतरे में है।
नेताओं ने कहा कि वर्तमान वन कानून अवैध कटाई को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। नाममात्र के जुर्माने और कमजोर प्रावधानों के कारण पेड़ों की कटाई बेरोकटोक जारी है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार खेजड़ी सहित हरे वृक्षों व वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अलग से कठोर कानून (ट्री एक्ट) बनाए, जिसमें कड़े दंड, भारी जुर्माने एवं प्रभावी निगरानी व्यवस्था का प्रावधान हो।
ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि किसी भी परियोजना को स्वीकृति देने से पूर्व पेड़ों की गणना, जियो-टैगिंग, स्थानीय निकाय से NOC तथा प्रत्येक परियोजना हेतु ग्रीन बेल्ट अनिवार्य किया जाए।
संतों व नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया, तो पर्यावरण प्रेमी एवं बिश्नोई समाज के नेतृत्व में 2 फरवरी 2026 से बीकानेर मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
इस अवसर पर राव रिडमल बाबल, हीराराम बुढ़िया, ओपी धायल, मानमहेंद्र साहू, जेठाराम गोदारा, सोहन भूटा काकाणी, सुरताराम मचारा, श्यामलाल गोदारा, अशोक साहू रामरख गोदारा राजू बाबल, पुखराज खेड़ी, शारदा बिश्नोई, भंवरी देवी बिश्नोई, निरमा बिश्नोई, सुनील बिश्नोई, रामचंद्र सुथार, मनीष बिश्नोई, इंद्रजीत बिश्नोई, ठाकुर बिश्नोई, रामस्वरूप बुड़ीया, सहदेव सारण, रामचंद्र गोरा, रमेश भादू, देवाराम बाबल, शाहिद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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