जोधपुर में भैरों सिंह शेखावत की आदमकद प्रतिमा का अनावरण

जोधपुर के रातानाडा सर्किल पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं देश के पूर्व उपराष्ट्रपति Bhairon Singh Shekhawat की आदमकद प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh, राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री Gajendra Singh Shekhawat तथा भाजपा राजस्थान अध्यक्ष Madan Rathore सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

 

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जोधपुर के रातानाडा सर्किल पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं देश के पूर्व उपराष्ट्रपति Bhairon Singh Shekhawat की आदमकद प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh, राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री Gajendra Singh Shekhawat तथा भाजपा राजस्थान अध्यक्ष Madan Rathore सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भैरों सिंह शेखावत भारतीय लोकतंत्र के “चलते-फिरते विश्वविद्यालय” थे। उन्होंने कहा कि शेखावत का जीवन सादगी, अनुशासन और जनसेवा का अनुपम उदाहरण रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन की प्रेरणा देती रहेगी।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भैरों सिंह शेखावत केवल भाजपा के नेता नहीं, बल्कि देश के सच्चे जननायक थे। उन्होंने कहा कि शेखावत ने राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर सभी दलों के नेताओं को प्रेरित किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल नीति निर्माण नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना भी है। इसी भावना से वे पोकरण क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच रात्रि प्रवास कर सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भैरों सिंह शेखावत ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में हजारों कार्यकर्ताओं को तैयार किया और राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता के मन में उनके प्रति गहरा सम्मान है और यह प्रतिमा उसी श्रद्धा का प्रतीक है।

समारोह में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि राजनीति सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे प्रभावी रास्ता है। पश्चिमी राजस्थान में स्थापित यह पहली प्रतिमा जनसेवा, सादगी और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थायी प्रेरणा बनेगी। समारोह के अंत में सभी ने शेखावत के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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