भारत में पांच अरब डॉलर निवेश करेगा यूएई

  • Posted on 16 मई 2026
  • खास
  • By Rajendra Harsh
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अबू धाबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच देशों के दौरे के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। अबू धाबी एयरपोर्ट पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सहयोग, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बैठक के दौरान यूएई ने भारत में पांच अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, गैस सप्लाई, इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी।

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अबू धाबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच देशों के दौरे के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। अबू धाबी एयरपोर्ट पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सहयोग, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

बैठक के दौरान यूएई ने भारत में पांच अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, गैस सप्लाई, इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक और सामरिक संबंधों को और अधिक मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूएई के संबंध पिछले कुछ वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से सहयोग बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यूएई भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच विश्वास एवं मित्रता लगातार मजबूत हो रही है।

यूएई के राष्ट्रपति अल नाहयान ने भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यूएई भारत के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को और व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में ऊर्जा सुरक्षा और गैस आपूर्ति को लेकर भी अहम चर्चा हुई। दोनों देशों ने स्वच्छ ऊर्जा, पेट्रोलियम और एलएनजी सप्लाई से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, संयुक्त उत्पादन और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करने के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, यूएई का यह निवेश भारत के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों को नई गति देगा। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 
 
 
 
 
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