उमंग-VII अभियान के तहत दो बच्चों का रेस्क्यू

जोधपुर। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार बाल श्रम और बाल शोषण के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान उमंग-VII के तहत जोधपुर पश्चिम पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए एक बालक और एक बालिका को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। साथ ही बालश्रम कराने वाले फैक्ट्री संचालक और भिक्षावृत्ति के लिए मजबूर करने वाली महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

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जोधपुर। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार बाल श्रम और बाल शोषण के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान उमंग-VII के तहत जोधपुर पश्चिम पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए एक बालक और एक बालिका को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। साथ ही बालश्रम कराने वाले फैक्ट्री संचालक और भिक्षावृत्ति के लिए मजबूर करने वाली महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

पुलिस आयुक्त शरत कविराज तथा पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम कमल शेखावत के सुपरविजन में नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (सिकाऊ) नीरज शर्मा के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।

पहली कार्रवाई पुलिस थाना राजीव गांधी नगर क्षेत्र में की गई। थाना के उप निरीक्षक पिंटू कुमार ने अरुण बर्फ फैक्ट्री में निरीक्षण के दौरान एक बालक को बर्फ की भारी सिल्लियां उठाकर काम करते हुए पाया। पुलिस ने तत्काल बालक को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। जांच में बालश्रम कराए जाने की पुष्टि होने पर फैक्ट्री संचालक अरुण कुमार सिंधी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 79 एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 146 के तहत मामला दर्ज किया गया।

दूसरी कार्रवाई पुलिस थाना सरदारपुरा क्षेत्र में की गई। उप निरीक्षक दीपलाल ने सरदारपुरा सातवीं रोड स्थित मस्जिद के पास एक बालिका को भिक्षावृत्ति करते हुए पाया। पुलिस ने बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बालिका से भिक्षावृत्ति करवाई जा रही थी। इस पर मीना देवी पत्नी सखाराम के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 76 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान उमंग-VII का उद्देश्य बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति और बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करना है। अभियान के तहत जिले में लगातार निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति या बच्चों के शोषण से संबंधित गतिविधियां दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 
 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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