गोद ग्राम केलावा कला में नशा मुक्ति एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन
जोधपुर, 28 मार्च। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के तत्वावधान में यूनिवर्सिटी सोशल रिस्पांसिबिलिटी (यूएसआर) योजना के अंतर्गत गोद लिए गए केलावा कला ग्राम में नशा मुक्ति एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल के प्रेरणादायी मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें ग्रामीणों को स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में अगद तंत्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार ने नशे के दुष्परिणामों पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने “नशामुक्त भारत अभियान” के तहत युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशा छोड़ने के प्रभावी उपायों के बारे में प्रेरित किया।
द्रव्यगुण विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निकिता पंवार ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जल और वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। उन्होंने ग्रामीणों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया।
योग सहायक श्याम लाल विश्नोई ने योग और प्राणायाम के माध्यम से स्वस्थ जीवन जीने के तरीकों के बारे में जानकारी दी और नियमित योगाभ्यास के लाभों को समझाया।
कार्यक्रम में गोद ग्राम के नोडल अधिकारी डॉ. हेमन्त कुमार, स्त्रीरोग एवं प्रसूति तंत्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर, स्नातकोत्तर अध्येता डॉ. आकाश एवं डॉ. धर्मेन्द्र ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान ग्रामीणों को नशा त्याग और स्वास्थ्य संवर्धन से संबंधित जागरूकता पत्रक भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। विश्वविद्यालय द्वारा इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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