जोधपुर। प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को करीब 170 दिन बाद शनिवार को Jodhpur Central Jail से रिहा कर दिया गया। केंद्र सरकार द्वारा हिरासत समाप्त करने का निर्णय लेने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। जेल से बाहर आने के बाद वांगचुक अपनी पत्नी गीतांजलि के साथ सड़क मार्ग से रवाना हो गए।
जानकारी के अनुसार सोनम वांगचुक को 24 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्हें Leh में हिरासत में लेने के बाद विशेष विमान से Jodhpur लाया गया था और सुरक्षा कारणों से जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया था।
दरअसल, Ladakh में उस समय हुई हिंसक घटनाओं के बाद प्रशासन ने कई लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। बताया गया कि उस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 150 से अधिक लोग घायल हुए थे। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सोनम वांगचुक को भी एहतियातन हिरासत में लिया था।
वांगचुक की हिरासत को लेकर उनकी पत्नी गीतांजलि ने Supreme Court of India में याचिका दायर कर इसे चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि उन्हें लंबे समय से बिना सुनवाई के हिरासत में रखा गया है और इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक है। इसके बाद से ही इस मामले पर कानूनी और राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई थी।
करीब छह महीने से अधिक समय तक जोधपुर जेल में रहने के बाद अब उनकी रिहाई हो गई है। जेल प्रशासन द्वारा औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें रिहा किया गया।
रिहाई के बाद सोनम वांगचुक अपनी पत्नी के साथ सड़क मार्ग से जोधपुर से रवाना हुए। बताया जा रहा है कि वे पहले Udaipur या Jaipur पहुंच सकते हैं, जहां से वे हवाई मार्ग से Delhi के लिए उड़ान लेंगे।
उनकी रिहाई की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों और सामाजिक संगठनों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने की बात कही गई है।
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