जोधपुर। शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए जिले में एआई-आधारित दक्षता आकलन एवं स्कूल रिपोर्टिंग पायलट का दूसरा चरण 15 से 17 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। यह आकलन कक्षा 6, 7, 8 एवं 9 के विद्यार्थियों के लिए जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में संचालित होगा। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तकनीक-सक्षम बनाना है।
यह पायलट संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नेतृत्व में शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEOS), डाइट जोधपुर एवं विद्यालयों के संयुक्त प्रयासों से संचालित किया जा रहा है। इस विस्तारित चरण में जिले के 15 ब्लॉकों के करीब 1350 विद्यालयों में लगभग 97 हजार विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा।
इस आकलन में एआई तकनीक का उपयोग करते हुए वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का मूल्यांकन किया जाएगा और विद्यार्थियों, विद्यालयों तथा अभिभावकों के लिए विस्तृत व विश्लेषणात्मक रिपोर्ट कार्ड तैयार किए जाएंगे। इन रिपोर्ट कार्ड्स को मई 2026 में आयोजित होने वाली पहली अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) में साझा किया जाएगा, जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों की प्रगति की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
यह पहल शिक्षा प्रणाली की कई चुनौतियों को दूर करने का प्रयास है, जैसे मैन्युअल आकलन का बढ़ता बोझ, व्यक्तिगत फीडबैक की कमी, शिक्षकों के लिए डेटा की अनुपलब्धता और अभिभावकों की सीमित भागीदारी। एआई आधारित यह प्रणाली शिक्षकों को डेटा-आधारित शिक्षण में मदद करेगी और वे विद्यार्थियों की कमजोरियों को पहचानकर बेहतर सुधारात्मक शिक्षण कर सकेंगे।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जिसमें दक्षता-आधारित आकलन और सतत सीखने पर जोर दिया गया है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में हुए पहले चरण में भी सकारात्मक परिणाम मिले थे, जिसके बाद अब इसे बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है।
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