अब शव रखकर नहीं होगा प्रदर्शन: राजस्थान में सख्त कानून लागू, उल्लंघन पर 5 साल तक की सजा
जोधपुर, 5 मई। मृत शरीर की गरिमा बनाए रखने और शवों को विरोध-प्रदर्शन का माध्यम बनने से रोकने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए “राजस्थान मृत शरीर का सम्मान अधिनियम-2023” को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। इसके साथ ही “राजस्थान मृत शरीर का सम्मान नियम-2025” भी लागू हो चुके हैं। पुलिस आयुक्तालय जोधपुर ने आमजन से इस कानून की पालना करने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्तालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इस अधिनियम को 22 अगस्त 2023 को लागू किया गया था, जबकि इसके नियम 3 दिसंबर 2025 को राजपत्र में प्रकाशित किए गए। इस कानून का मुख्य उद्देश्य मृत शरीर के सम्मान की रक्षा करना और उसके साथ किसी भी प्रकार के अमानवीय व्यवहार को रोकना है।
नए प्रावधानों के तहत अब किसी भी मृत व्यक्ति के शव का उपयोग धरना, विरोध-प्रदर्शन या दबाव बनाने के साधन के रूप में नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति को 6 माह से लेकर 5 वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि परिजन शव लेने से इनकार करते हैं या प्रदर्शन में शामिल होते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। शव लेने से इनकार करने पर 1 वर्ष तक तथा प्रदर्शन में शामिल होने पर 2 वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
कानून के तहत पुलिस को विशेष अधिकार भी दिए गए हैं। यदि परिजन शव लेने से मना करते हैं, तो पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करवा सकेगी।
पुलिस आयुक्तालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे मृतक की गरिमा बनाए रखें और समय पर अंतिम संस्कार सुनिश्चित करें। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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