रालावास ग्राम पंचायत में निःशुल्क होम्योपैथी चिकित्सा शिविर आयोजित

जोधपुर, 05 जून। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के तत्वावधान में गुरुवार को ग्राम पंचायत रालावास, करवड़ में निःशुल्क होम्योपैथी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करना था।

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जोधपुर, 05 जून। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के तत्वावधान में गुरुवार को ग्राम पंचायत रालावास, करवड़ में निःशुल्क होम्योपैथी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करना था।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविंद सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी, जोधपुर के विशेषज्ञ शिक्षक-चिकित्सकों की टीम ने सेवाएं प्रदान कीं। होम्योपैथी चिकित्सालय अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. गौरव नागर एवं शिविर प्रभारी प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमावत ने बताया कि शिविर में होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. नरेन पटवा, डॉ. सपना सालोदिया तथा चतुर्थ वर्ष के छात्र अभिषेक योगी ने मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराईं।

शिविर के दौरान कुल 89 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें निःशुल्क औषधियां वितरित की गईं। चिकित्सा विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को मौसम में हो रहे बदलाव, बढ़ते तापमान, नमी तथा वायरस, बैक्टीरिया एवं मच्छर जनित संक्रमणों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन-सी युक्त फलों जैसे अंगूर, संतरा, नींबू और कीवी का सेवन लाभदायक होता है। शिविर में बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई तथा उन्हें मौसमी संक्रमणों से बचाव के उपाय समझाए गए।

इस दौरान जुकाम, बुखार, नाक व आंखों से पानी आना, सिरदर्द, भूख न लगना, पेट में कीड़े, पेट दर्द, चर्म रोग, रक्ताल्पता, कब्ज, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, बाल झड़ना तथा जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों का उपचार किया गया। ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन की मांग की।

 
 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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