जोधपुर में आगामी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल सीधी भर्ती को मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर आयोजित करवाने की मांग को लेकर मंगलवार शाम नर्सिंग कर्मचारियों और अभ्यर्थियों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। यह कैंडल मार्च मथुरादास माथुर चिकित्सालय के प्रथम द्वार से शुरू होकर मेडिकल कॉलेज परिसर तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से आयोजित की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भर्ती केवल मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि लंबे समय से मेहनत कर रहे और स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत अभ्यर्थियों को उचित अवसर मिल सके।
कैंडल मार्च के दौरान अभ्यर्थियों ने हाथों में मोमबत्तियां और मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी सहित विभिन्न कठिन परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं में कार्य करने वाले नर्सिंग कर्मचारियों और संविदा कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दी थीं। ऐसे कर्मचारियों के अनुभव और योगदान को सम्मान देते हुए उन्हें भर्ती प्रक्रिया में बोनस अंक दिए जाने चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और विवाद रहित होगी तो योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सकेगा तथा भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की स्थिति भी उत्पन्न नहीं होगी। अभ्यर्थियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
इस दौरान राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया, सुरेंद्र चौधरी, रितेश सिसोदिया, राम चौधरी, राहुल राजपुरोहित, सीमा राठौड़ और सोनू चौधरी सहित कई संगठन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द उचित निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कैंडल मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। पूरे कार्यक्रम में अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।
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