जनगणना-2027 के लिए आमजन से सहयोग की अपील

जोधपुर। जनगणना-2027 का प्रथम चरण 16 मई 2026 से शुरू हो चुका है। प्रारंभिक दिनों में प्रगणकों द्वारा आवंटित क्षेत्रों के नजरी नक्शे तैयार किए गए और अब घर-घर जाकर मकानों का अंकन तथा 34 प्रश्नों की प्रश्नावली के माध्यम से डाटा संकलन का कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने आमजन से जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग देने की अपील की है। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर आलोक रंजन ने कहा कि जनगणना देश की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें विकास योजनाओं का निर्माण करती हैं

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जोधपुर। जनगणना-2027 का प्रथम चरण 16 मई 2026 से शुरू हो चुका है। प्रारंभिक दिनों में प्रगणकों द्वारा आवंटित क्षेत्रों के नजरी नक्शे तैयार किए गए और अब घर-घर जाकर मकानों का अंकन तथा 34 प्रश्नों की प्रश्नावली के माध्यम से डाटा संकलन का कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने आमजन से जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग देने की अपील की है।

प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर आलोक रंजन ने कहा कि जनगणना देश की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें विकास योजनाओं का निर्माण करती हैं। उन्होंने आमजन से अनुरोध किया कि घर-घर आने वाले प्रगणकों को सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि भविष्य की योजनाएं प्रभावी रूप से बनाई जा सकें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रगणकों द्वारा किसी भी व्यक्ति से आईडी, आईडी नंबर, फोटो, हस्ताक्षर, अंगूठे का निशान अथवा ओटीपी जैसी निजी जानकारी नहीं ली जाएगी। आमजन को भी सलाह दी गई है कि वे इस प्रकार की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करें। जिला कलक्टर ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

उप जिला जनगणना अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मीनाक्षी चौधरी ने बताया कि जनगणना-2027 भारत की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना है। उन्होंने कहा कि प्रगणकों द्वारा पूछे जा रहे प्रश्नों का उत्तर देना प्रत्येक गृहस्वामी के लिए अनिवार्य है।

उन्होंने जानकारी दी कि 34 प्रश्नों की प्रश्नावली में भवन एवं आवास से जुड़ी जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसमें मकान का प्रकार, दीवार और छत की स्थिति, शौचालय की उपलब्धता, उपयोग में आने वाले ईंधन, इंटरनेट सुविधा, वाहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित जानकारी शामिल है।

प्रशासन ने दोहराया कि जनगणना के दौरान प्राप्त सभी जानकारियां जनगणना अधिनियम-1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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