अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भव्य उत्सव का आयोजन किया गया।
- Posted on 23 अप्रैल 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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इस्कॉन जोधपुर स्थित श्री श्री राधा गोविंद मंदिर में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भव्य चंदन उत्सव का आयोजन बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर भगवान का अद्वितीय चंदन शृंगार किया गया, जिसमें उनके पूरे विग्रह पर सुगंधित चंदन अर्पित किया गया। यह मनमोहक दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत आकर्षण का केंद्र रहा और पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का वातावरण व्याप्त हो गया।
इस्कॉन जोधपुर स्थित श्री श्री राधा गोविंद मंदिर में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भव्य चंदन उत्सव का आयोजन बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर भगवान का अद्वितीय चंदन शृंगार किया गया, जिसमें उनके पूरे विग्रह पर सुगंधित चंदन अर्पित किया गया। यह मनमोहक दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत आकर्षण का केंद्र रहा और पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का वातावरण व्याप्त हो गया।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, चंदन यात्रा उत्सव अक्षय तृतीया से प्रारंभ होकर आगामी 21 दिनों तक निरंतर आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में प्रतिदिन भगवान का विशेष चंदन शृंगार किया जाएगा, जो वर्ष में केवल एक बार ही देखने को मिलता है। इसी कारण इस उत्सव का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
चंदन यात्रा की परंपरा लगभग छह सौ वर्ष पुरानी मानी जाती है। मान्यता है कि भगवान के महान भक्त श्रील माधवेंद्र पुरी पाद ने सबसे पहले भगवान को चंदन अर्पित करने की परंपरा की शुरुआत की थी। वे गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख संतों में से एक थे, जिनकी भक्ति और सेवा भावना आज भी इस उत्सव के माध्यम से जीवंत बनी हुई है।
उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भजन-कीर्तन में भाग लिया। पूरे वातावरण में हरिनाम संकीर्तन की मधुर ध्वनि गूंजती रही। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने श्रद्धा भाव से सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य राजेंद्र गहलोत भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने मंदिर में भगवान की आरती में भाग लिया तथा चल रहे मंदिर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं देते हुए इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
यह भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का सुंदर संगम साबित हुआ, जिसने सभी उपस्थित भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से अभिभूत कर दिया।
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