विश्व ध्यान दिवस पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय सहित विभिन्न देशों के अभ्यासी एक साथ करेंगे ध्यान ।
- Posted on 20 दिसम्बर 2025
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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विश्व ध्यान दिवस पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय सहित विभिन्न देशों के अभ्यासी एक साथ करेंगे ध्यान ।ऐतिहासिक वैश्विक लाइव मेडिटेशन सत्र में आयुर्वेद विश्वविद्यालय की रहेगी सहभागिता ।ऐतिहासिक वैश्विक लाइव मेडिटेशन सत्र में आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं छात्र एक साथ करेंगे ध्यान।आयुर्वेद विश्वविद्यालय में द्वितीय विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य में ध्यान का अभ्यास करवाया गया।
विश्व ध्यान दिवस पर 21 दिसंबर को हार्टफुलनेस मूवमेंट द्वारा आयोजित एक ऐतिहासिक वैश्विक लाइव मेडिटेशन सत्र में आयुर्वेद विश्वविद्यालय की सहभागिता रहेगी।यह लाइव ध्यान सत्र रात 8 बजे प्रारंभ होगा और ''एक विश्व, एक हृदय'' के प्रेरक संदेश के साथ पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरोएगा। इस वैश्विक आयोजन में विभिन्न देशों के अभ्यासी ऑनलाइन माध्यम से एक साथ ध्यान अभ्यास करेंगे। आयुर्वेद विश्वविद्यालय के हार्टफुलनेस अभ्यासी और साधक , शिक्षक एवं छात्र अपने-अपने स्थानों से इस सामूहिक ध्यान में सहभागिता करेंगे।
आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में द्वितीय विश्व ध्यान दिवस की पूर्व संध्या पर ध्यान अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के आंगिक यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज द्वारा आंगिक स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक शांति, एकाग्रता, आत्मबोध एवं समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्रभान शर्मा के निर्देशन में योग विशेषज्ञ डॉ. सलोनी कोहली द्वारा आयुर्वेद महाविद्यालय के स्नातकोत्तर एवं स्नातक अध्येताओं को चक्र आधारित विशिष्ट ध्यान अभ्यास कराया गया। ध्यान सत्र के दौरान विद्यार्थियों को श्वसन नियंत्रण, मन की एकाग्रता एवं चेतना संतुलन से संबंधित व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई साथ ही आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते मानसिक तनाव, असंतुलन एवं एकाग्रता की कमी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ध्यान न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि यह शारीरिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बनाता है।
कार्यक्रम में प्राचार्य पीजीआईए प्रो. चंदन सिंह एवं प्रो. राजेश गुप्ता की उपस्थिति रहे। उन्होंने ध्यान एवं योग को भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न अंग बताते हुए विद्यार्थियों से इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।सम्पूर्ण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को योग एवं ध्यान के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्ष से अवगत कराना तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के संकाय सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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