यह राष्ट्रीय सम्मेलन चार्टर्ड अकाउंटेंसी के क्षेत्र में निरंतर हो रहे परिवर्तनों, तकनीकी नवाचारों तथा उभरते व्यावसायिक अवसरों को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सदस्यों को बदलते कानूनों, नई तकनीकों और वैश्विक आर्थिक परिवेश से अवगत कराकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना है। सम्मेलन की थीम “राइज बियोंड लिमिट्स” चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को पारंपरिक दायरों से बाहर निकलकर नए क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशने के लिए प्रेरित करती है।
सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय (डॉ.) विनीत कोठारी, पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, गुजरात उच्च न्यायालय, अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। उनके मार्गदर्शन से प्रतिभागियों को विधिक दृष्टिकोण, न्यायिक सोच और व्यावसायिक नैतिकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन अंतर्दृष्टि प्राप्त होगी, जो पेशेवर जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
इस सम्मेलन में आईसीएआई के राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रिय सहभागिता भी रहेगी। सीए. सतीश कुमार गुप्ता, चेयरमैन – सीपीई कमेटी एवं प्रोग्राम डायरेक्टर, सम्मेलन के दौरान अपने अनुभव और मार्गदर्शन से सदस्यों का मार्गदर्शन करेंगे। उनकी उपस्थिति से सम्मेलन को एक स्पष्ट दिशा और व्यावसायिक दृष्टिकोण मिलेगा।
तकनीकी सत्रों की व्यापक श्रृंखला
दो दिवसीय इस सम्मेलन में अनेक तकनीकी एवं ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें प्रमुख विषयों के रूप में जीएसटी प्रैक्टिस एवं प्रोसीजर, नया आयकर अधिनियम 2025 का अवलोकन, ऑडिट क्वालिटी एवं अनुपालन, एसएमई आईपीओ में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एमएसएमई – चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए उभरता क्षेत्र, वित्तीय बाजारों के मेगा ट्रेंड्स तथा न्यू एज प्रोफेशनल्स के लिए नए अवसर शामिल हैं।
यह सम्मेलन न केवल तकनीकी ज्ञान को सुदृढ़ करेगा, बल्कि पेशेवरों को बदलते समय के अनुरूप स्वयं को ढालने, नवाचार अपनाने और नए अवसरों की पहचान करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
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