बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 12:00 PM

एसओजी (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए असिस्टेंट फ़ायर ऑफ़िसर सोबिया सैयद को गिरफ़्तार किया है।

एसओजी (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए असिस्टेंट फ़ायर ऑफ़िसर सोबिया सैयद को गिरफ़्तार किया है।
मामला 2022 की फ़ायर भर्ती परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर परीक्षा पास कर अधिकारी बनने का आरोप सामने आया है।


राज्य की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए असिस्टेंट फ़ायर ऑफ़िसर सोबिया सैयद को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वर्ष 2022 में आयोजित फ़ायर भर्ती परीक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में की गई है, जिसमें फ़र्ज़ी और कूटरचित दस्तावेज़ों के आधार पर चयन किए जाने का आरोप सामने आया है।

एसओजी सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि सोबिया सैयद ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान अपने शैक्षणिक व अन्य आवश्यक दस्तावेज़ों में गंभीर अनियमितताएं की थीं। आरोप है कि उन्होंने फर्जी/कूटरचित दस्तावेज़ों का उपयोग कर परीक्षा उत्तीर्ण की और गलत तथ्यों के आधार पर असिस्टेंट फ़ायर ऑफ़िसर के पद पर चयनित हो गईं।

मामले की जांच के दौरान एसओजी ने दस्तावेज़ सत्यापन, तकनीकी विश्लेषण और रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की। जांच में सामने आए तथ्यों और पुख्ता सबूतों के आधार पर एसओजी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि दस्तावेज़ों में की गई हेराफेरी सुनियोजित तरीके से की गई थी, ताकि पात्रता की शर्तों को पूरा किया हुआ दर्शाया जा सके।

एसओजी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। इसलिए गिरफ्तारी के बाद आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे, तथा क्या किसी गिरोह या अंदरूनी मिलीभगत के जरिए यह चयन प्रक्रिया प्रभावित की गई।

एसओजी ने यह भी स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच आगे भी जारी रहेगी और यदि अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद सरकारी भर्तियों में दस्तावेज़ सत्यापन और निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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