स्वदेशी मेला 2026 में बुनियादी सुविधाओं की कमी, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी
जोधपुर। रामलीला मैदान में आयोजित स्वदेशी मेला 2026 हस्तशिल्प उत्सव (10 जनवरी से 29 जनवरी) भले ही स्वदेशी उत्पादों, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ हो, लेकिन मेले में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी सामने आ रही है। विशेष रूप से लेडिज वॉशरूम की व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मेले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, पुरुष और बुजुर्ग पहुंच रहे हैं। दूर-दराज़ से आने वाले परिवार घंटों तक मेले में समय बिताते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए एक भी शौचालय की व्यवस्था नहीं होना प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय तक मेले में रुकना मजबूरी में मुश्किल हो गया है। कई बार छोटे बच्चों और बुजुर्ग महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों और मेले में आए दर्शकों ने बताया कि न केवल लेडिज वॉशरूम, बल्कि जेंट्स और बुजुर्गों के लिए भी पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था नहीं है। कुछ अस्थायी व्यवस्थाएं दूर स्थित होने के कारण खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों के लिए वहां तक पहुंचना भी कठिन हो जाता है। इससे स्वच्छता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
महिलाओं का कहना है कि ऐसे बड़े आयोजन में शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कई महिलाएं मजबूरन मेला जल्दी छोड़ने को विवश हो रही हैं, जिससे मेले की रौनक पर भी असर पड़ रहा है। वहीं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह समस्या और भी गंभीर बन गई है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और आमजन ने जिला प्रशासन और मेला आयोजन समिति से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से पर्याप्त संख्या में लेडिज, जेंट्स और दिव्यांग-अनुकूल वॉशरूम लगाए जाएं। साथ ही नियमित सफाई और पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
प्रशासनिक स्तर पर यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या मेले की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। लोगों की मांग है कि स्वदेशी संस्कृति को बढ़ावा देने वाले इस मेले में सुविधाओं का भी उतना ही ध्यान रखा जाए, ताकि हर वर्ग बिना परेशानी के मेले का आनंद ले सके।
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