मकर संक्रांति से पहले बड़ा आदेश, 14 जिलों में चाइनीज मांझा प्रतिबंधित
इंदौर — मकर संक्रांति से पहले मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी 14 जिलों में चाइनीज मांझे के निर्माण, उपयोग, विक्रय, संग्रहण और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश इंदौर में पिछले 10 दिनों के भीतर चाइनीज मांझे से हुए दो गंभीर हादसों के बाद जारी किया गया है। अदालत ने इन घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज कर मामले की त्वरित सुनवाई की।
हाई कोर्ट ने कहा कि चाइनीज मांझा न सिर्फ पक्षियों के लिए घातक है, बल्कि मनुष्यों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। अदालत ने जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस और संबंधित विभागों को आदेश दिया है कि वे इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करें और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बाजारों, थोक दुकानों और गोदामों की नियमित जांच की जाए ताकि प्रतिबंधित मांझे का कोई भी स्टॉक न मिले।
हाल के हादसों में मोटरसाइकिल सवारों व राहगीरों को चाइनीज मांझे की तीखी डोर से गंभीर चोटें आई थीं, जिनमें एक युवक की मौत भी हो गई थी। लगातार बढ़ती घटनाओं से चिंतित होकर कोर्ट ने माना कि त्योहारी सीजन में इस पर तत्काल रोक लगाना आवश्यक है, ताकि जनता सुरक्षित वातावरण में मकर संक्रांति मना सके।
अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया कि सुरक्षित विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए और जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को चाइनीज मांझे के खतरों के बारे में बताया जाए। साथ ही स्कूलों, पतंग व्यापारियों और सामाजिक संगठनों को भी अभियान में शामिल करने के लिए कहा गया है।
हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद 14 जिलों—इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच, अलीराजपुर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास और बुरहानपुर—में प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। प्रशासन अब सख्ती से निगरानी कर रहा है, ताकि मकर संक्रांति के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके।
Write a Response