जोधपुर। शहर के भीतरी क्षेत्र में गणगौर पर्व के दौरान महिलाओं ने एकजुटता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए सामाजिक संदेश दिया। बालवाड़ी स्कूल के बाहर गणगौर पूजा करने वाली तीजनियों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी मांगों और सुरक्षा को लेकर स्पष्ट रुख जाहिर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लिया।
महिलाओं ने कहा कि गणगौर जैसे पावन पर्व पर बाहरी मनचलों की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे पूजा और परंपराओं में व्यवधान उत्पन्न होता है। इसे देखते हुए इस बार महिलाओं ने सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अभद्रता या अशोभनीय हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि कोई मनचला हरकत करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
मानव श्रृंखला के माध्यम से महिलाओं ने प्रशासन का भी ध्यान इस ओर आकर्षित किया और मांग की कि गणगौर पर्व के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि महिलाएं निर्भय होकर पूजा कर सकें। उन्होंने कहा कि यह पर्व उनकी आस्था, संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ है, जिसे किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
इस मौके पर महिलाओं ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वर्ष गणगौर आयोजन के दौरान किसी प्रकार का मंच (स्टेज) या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। केवल गवर माता की प्रतिमा स्थापित कर पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की जाएगी, जैसा कि पिछले वर्ष किया गया था। उनका कहना है कि इससे अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सकेगा।
महिलाओं ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि वे अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग हैं और किसी भी तरह की अव्यवस्था या असामाजिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं करेंगी।
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