14–15 वर्ष की छात्राओं को लगाया गया टीका

जोधपुर, 10 अप्रैल। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत शुक्रवार को सूरसागर स्थित सैटेलाइट अस्पताल में विशेष टीकाकरण सत्र का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करना और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना है।

 

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सूरसागर में एचपीवी टीकाकरण अभियान, 14–15 वर्ष की छात्राओं को लगाया गया टीका

जोधपुर, 10 अप्रैल। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत शुक्रवार को सूरसागर स्थित सैटेलाइट अस्पताल में विशेष टीकाकरण सत्र का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करना और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना है।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह पाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की निगरानी सूरसागर सैटेलाइट अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्वेता चंदेला द्वारा की गई।

इस दौरान अस्पताल परिसर में कुल लगभग 75 बालिकाओं का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 73 छात्राओं ने एचपीवी टीकाकरण करवाया। टीकाकरण प्रक्रिया के दौरान सभी आवश्यक स्वास्थ्य मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी मौजूद रही, जिसमें पैथोलॉजिस्ट डॉ. हंसराज और फिजिशियन डॉ. रवि प्रकाश उदावत शामिल रहे। उन्होंने छात्राओं को एचपीवी संक्रमण, इसके दुष्प्रभाव और टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी।

इस अभियान में आदर्श स्कूल सूरसागर, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सूरसागर सहित क्षेत्र के अन्य विद्यालयों की छात्राओं ने भाग लिया। स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों का भी इस पहल में सहयोग रहा, जिससे अधिक से अधिक बालिकाएं टीकाकरण के लिए प्रेरित हुईं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एचपीवी टीका गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम है और सरकार द्वारा इसे किशोरियों के लिए प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं टीकाकरण शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रह सकें।

 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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