2500 रुपये रिश्वत लेते स्टेनोग्राफर एसीबी के हत्थे चढ़ा
झुंझुनूं, 17 मार्च। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र झुंझुनूं में कार्यरत स्टेनोग्राफर नीरज कुमार को 2500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी झुंझुनूं की टीम ने की।
एसीबी के अनुसार, एक परिवादी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसने जिला उद्योग विभाग में प्रधानमंत्री एम्प्लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) योजना के तहत 5 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस ऋण को स्वीकृत करवाने के बदले जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र में कार्यरत स्टेनोग्राफर नीरज कुमार उससे 2500 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था और लगातार उसे परेशान कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 16 मार्च 2026 को शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी स्टेनोग्राफर नीरज कुमार द्वारा परिवादी से 2500 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
एसीबी जयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस अनिल कयाल के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार पूनियां के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक सुरेश चंद और उनकी टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
ट्रैप कार्रवाई के दौरान परिवादी ने जैसे ही आरोपी को 2500 रुपये की रिश्वत दी, एसीबी की टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की जांच जारी है। एसीबी की ओर से आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है।
एसीबी अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को करें, ताकि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा सके।
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