27 मार्च को निकलेगी राज गणगौर की शाही सवारी

जोधपुरमहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के तत्वावधान में परंपरानुसार राज गणगौर की भव्य शाही सवारी 27 मार्च को महरानगढ़ किला से निकलेगी। यह सवारी सांय 5:15 बजे किले के नागणेच्चा माताजी मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शाही लवाजमे और ढोल-नगाड़ों के साथ रवाना होगी।

 


महरानगढ़ दुर्ग से 27 मार्च को निकलेगी राज गणगौर की शाही सवारी

जोधपुरमहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के तत्वावधान में परंपरानुसार राज गणगौर की भव्य शाही सवारी 27 मार्च को महरानगढ़ किला से निकलेगी। यह सवारी सांय 5:15 बजे किले के नागणेच्चा माताजी मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शाही लवाजमे और ढोल-नगाड़ों के साथ रवाना होगी।

ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल अजय सिंह शेखावत ने बताया कि नागणेच्चा माताजी मंदिर प्रांगण में महारानी हेमलता राज्ये एवं युवरानी गायत्री राज्ये द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद राजपरिवार की महिलाओं द्वारा परिक्रमा कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गणगौर माताजी की पूजा संपन्न होगी। इस दौरान घूमर नृत्य और गणगौर गीतों की मधुर प्रस्तुति माहौल को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर करेगी।

शाही परंपरा के अनुरूप सजी-धजी गणगौर की सवारी पालकी में विराजमान होकर निकलेगी। पालकी वाहक पारंपरिक वेशभूषा—सफेद जामा, केसरिया पगड़ी और कमरबंद—में सुसज्जित रहेंगे। जुलूस में किरणिया, त्रिशूल, छंवर, स्वर्ण-रजत छड़ियां और शाही निशान लिए छड़ीदार शामिल होंगे, वहीं आगे मारवाड़ स्टड के घोड़ों पर पचरंगा ध्वज लहराया जाएगा।

यह भव्य सवारी किले के सूरजपोल, लोहापोल, इमरती पोल और फतेह पोल होते हुए आगे बढ़ेगी। चोकेलाव महल से महाराजा गज सिंह जी जुलूस में शामिल होंगे और परंपरागत गणेश पूजन के बाद सवारी के साथ रहेंगे। जुलूस में राजपरिवार के सदस्य, सिरदार, रावराजा, राजपुरोहित, राजव्यास सहित अनेक गणमान्यजन शामिल रहेंगे।

अंततः सवारी रानीसर पहुंचेगी, जहां महाराजा गज सिंह जी द्वारा राज गणगौर का विधिवत पूजन, जल अर्पण और भोळावणी की रस्म निभाई जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न मोहल्लों से आई गणगौरों का भी पारंपरिक स्वागत किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो उठेगा।

 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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