पीएम मोदी की अपील का असर

मुख्यमंत्रीBhajan Lal Sharma ने सरकारी मितव्ययता और ईंधन बचत को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने के निर्देश जारी करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से भी अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने की अपील की है। सरकार के इस कदम को प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग की अपील से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

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पीएम मोदी की अपील का असर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्रीBhajan Lal Sharma ने सरकारी मितव्ययता और ईंधन बचत को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने के निर्देश जारी करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से भी अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने की अपील की है। सरकार के इस कदम को प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग की अपील से जोड़कर देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर जरूरत से ज्यादा वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल आवश्यक वाहन ही काफिलों में शामिल किए जाएं, ताकि पेट्रोल और डीजल की बचत सुनिश्चित हो सके। उन्होंने मुख्य सचिव सहित सभी विभागों के अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है।

राज्य सरकार का मानना है कि सरकारी स्तर पर यदि मितव्ययता अपनाई जाती है तो इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि सरकारी खर्चों में भी कमी आएगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह कदम उपयोगी साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक और राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि आमजन भी संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक हो सकें।

सरकार की ओर से सभी विभागों को सरकारी वाहनों के उपयोग की समीक्षा करने और अनावश्यक यात्राओं से बचने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे बैठकों और कार्यक्रमों के दौरान वाहनों का संयमित उपयोग करें। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों से भी अपील की गई है कि वे अपने काफिलों को छोटा रखें और फिजूलखर्ची से बचें।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस फैसले की चर्चा हो रही है। इसे सरकार की सादगी और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की मितव्ययता को प्रभावी रूप से लागू किया जाता है तो इससे सरकारी खर्च में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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