तुम मुझे अपना कम्फर्ट दो, हम तुम्हें अपार धन देंगे

जोधपुर, 13 मार्च। कॉरपोरेट जगत प्रबंधकों से कहता हैं कि "तुम मुझे अपना कम्फर्ट दो, हम तुम्हें अपार धन (पारिश्रमिक) देंगे।" ये विचार उ‌द्योग जगत के जाने माने अनुभवी प्रबंधन विशेषज्ञ श्री आर. कल्ला ने आज महिला टेक्निकल एंड मैनेजमेंट कॉलेज में वार्ता करते हुए व्यक्त किए। उनका कहना था कि कॉरपोरेट सेक्टर वेतन, बोनस, लाभ में हिस्सा तभी अधिक से अधिक देता 

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जोधपुर, 13 मार्च। कॉरपोरेट जगत प्रबंधकों से कहता हैं कि "तुम मुझे अपना कम्फर्ट दो, हम तुम्हें अपार धन (पारिश्रमिक) देंगे।" ये विचार उ‌द्योग जगत के जाने माने अनुभवी प्रबंधन विशेषज्ञ श्री आर. कल्ला ने आज महिला टेक्निकल एंड मैनेजमेंट कॉलेज में वार्ता करते हुए व्यक्त किए। उनका कहना था कि कॉरपोरेट सेक्टर वेतन, बोनस, लाभ में हिस्सा तभी अधिक से अधिक देता है जब आप अपना पूरा समर्पण करते हो, कॉर्पोरेट में ऑफिस आने का समय होता हैं लेकिन वापस घर जाने का कोई समय नहीं होता, कोई छुट्टी नहीं होती केवल टारगेट होते है जो आपको तय समय में हासिल करने होते है, आपको अपना कंफर्ट जोन भूल जाना होता है।

महिला टेक्निकल एंड मैनेजमेंट कॉलेज में एमबीए के लिए "Managerial Personality: Industry/Market Expectations" विषय पर एक इंडस्ट्री इंटरेक्शन सेशन आयोजित किया गया। इस सत्र के मुख्य वक्ता उद्‌योग विशेषज्ञ  आर. कल्ला रहे, जिनके पास उ‌द्योग क्षेत्र में फार्मा, टेक्सटाइल, पेपर, पतंजलि आदि में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है।

अपने संबोधन में  कल्ला ने विद्यार्थियों को उ‌द्योग जगत की अपेक्षाओं, प्रबंधकीयकौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण, संचार क्षमता तथा व्यावहारिक ज्ञान के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि प्रतिदिन अपने विषय के अतिरिक्त अन्य पुस्तकें तथा समाचार पत्र भी पढ़ने चाहिए। व्यापार और उ‌द्योग आपके समर्पण और त्याग को देखते हैं, जो आपकी मेहनत से ही दिखाई देता है। मेहनत ही आपको प्रबंधकीय

करियर में आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के क्षेत्र में कोई शनिवार-रविवार

नहीं होता, तभी व्यक्ति आगे बढ़ता है और उद्‌योग भी उसे अवसर देता है।

कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. स्वप्ना बोहरा ने स्वागत भाषण देते हुए अतिथि का अभिनंदन किया तथा एमबीए विद्यार्थियों को ऐसे सत्रों से अधिक से अधिक सीखने के लिए प्रेरित किया।

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Author
Rajendra Harsh
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