महिला मुद्दों को लेकर जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

जोधपुर। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) के स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को संगठन की महिलाओं ने विभिन्न सामाजिक और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन की ओर से जिला कलेक्टर के नाम दिए गए ज्ञापन में शहर में बढ़ती सामाजिक समस्याओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई

 

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एडवा के स्थापना दिवस पर महिला मुद्दों को लेकर जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

जोधपुर। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) के स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को संगठन की महिलाओं ने विभिन्न सामाजिक और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन की ओर से जिला कलेक्टर के नाम दिए गए ज्ञापन में शहर में बढ़ती सामाजिक समस्याओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।

एडवा की जिला सचिव इंद्रा कुमारी तथा प्रदेश कमेटी सदस्य मिनाक्षी शर्मा के नेतृत्व में महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि जोधपुर शहर के कई प्रमुख ट्रैफिक प्वाइंट्स पर बच्चों और महिलाओं द्वारा भिक्षावृत्ति की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या है। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे बच्चों और महिलाओं की पहचान कर उनका पुनर्वास किया जाए, ताकि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल सके।

ज्ञापन में शहर के शिक्षण संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। संगठन की पदाधिकारियों ने कहा कि कई जगहों पर छात्राओं को असुरक्षित माहौल का सामना करना पड़ता है, इसलिए पुलिस और प्रशासन को इस दिशा में कड़े कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही कमला नेहरू महाविद्यालय की छात्राओं की सुविधा के लिए मुख्य सड़क पर छायादार बस-स्टॉप का निर्माण करवाने की मांग भी रखी गई, ताकि छात्राओं को गर्मी और बारिश के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।

एडवा ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते लैंगिक अपराधों पर भी चिंता जताते हुए प्रशासन से प्रभावी रोकथाम के उपाय करने की मांग की। संगठन ने रसोई गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने और गैस सिलेंडर की कीमतों पर नियंत्रण रखने की भी मांग उठाई। इसके अलावा घरेलू जल कनेक्शन के बिल दो-तीन वर्षों के एक साथ भेजे जाने की शिकायत करते हुए इसे आम लोगों के साथ आर्थिक अन्याय बताते हुए ऐसी प्रक्रिया पर रोक लगाने का आग्रह किया गया।

इस दौरान नेहा मेघवाल, एडवोकेट आशा मीणा, एडवोकेट शमा खान, ममता सिंह और गुड़िया बारूपाल सहित संगठन की कई महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहीं। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाएगा।

 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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