फलोदी के मयंक पुरोहित ने रचा इतिहास

  • Posted on 6 मार्च 2026
  • खास
  • By Rajendra Harsh
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फलोदी। राजस्थान के फलोदी शहर के होनहार युवा मयंक पुरोहित ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 33वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस शानदार सफलता के साथ ही उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए लगभग तय माना जा रहा है। मयंक की इस उपलब्धि से पूरे फलोदी क्षेत्र में खुशी की लहर है और उन्हें लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं।

 

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फलोदी के मयंक पुरोहित ने रचा इतिहास, यूपीएससी में 33वीं रैंक हासिल कर बनेंगे आईएएस

फलोदी। राजस्थान के फलोदी शहर के होनहार युवा मयंक पुरोहित ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 33वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस शानदार सफलता के साथ ही उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए लगभग तय माना जा रहा है। मयंक की इस उपलब्धि से पूरे फलोदी क्षेत्र में खुशी की लहर है और उन्हें लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं।

मयंक पुरोहित की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शहर और पुष्करणा समाज का नाम भी रोशन किया है। जैसे ही यूपीएससी का परिणाम घोषित हुआ, फलोदी में उनके परिचितों, मित्रों और समाज के लोगों में उत्साह का माहौल बन गया। लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है।

गौरतलब है कि मयंक पुरोहित इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं। वे पहले भारतीय विदेश सेवा (IFS) में भी चयनित हो चुके हैं और वहां भी उन्होंने शानदार रैंक हासिल की थी। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को और ऊंचा रखते हुए दोबारा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और इस बार 33वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने की राह सुनिश्चित कर ली।

मयंक की इस उपलब्धि के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण को प्रमुख कारण माना जा रहा है। पढ़ाई के दौरान उन्होंने लगातार फोकस बनाए रखा और कठिन परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।

परिवार के सदस्यों ने मयंक की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि बचपन से ही वे पढ़ाई में मेधावी रहे हैं और हमेशा बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ते रहे। अब उनकी यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।

फलोदी शहर में लोगों ने मयंक को मिठाइयाँ खिलाकर और शुभकामनाएँ देकर उनकी सफलता का जश्न मनाया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से यह साबित हो गया है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

मयंक पुरोहित की सफलता से फलोदी सहित पूरे राजस्थान के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है।

 
 
 
 
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