मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस’ का आयोजन

जोधपुर, 1 मई 2026। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर द्वारा ‘मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है, जो राजस्थान के समग्र विकास में संस्थान की भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और विकास एजेंडा पर मार्गदर्शन देंगे। कार्यक्रम को एक उच्चस्तरीय मंच के रूप में तैयार किया गया है, जहां संस्थान की विशेषज्ञता को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ा जाएगा।

 

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आईआईटी जोधपुर करेगा ‘मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस’ का आयोजन, विकास एजेंडा पर मुख्य सचिव देंगे मार्गदर्शन

जोधपुर, 1 मई 2026। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर द्वारा ‘मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है, जो राजस्थान के समग्र विकास में संस्थान की भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और विकास एजेंडा पर मार्गदर्शन देंगे। कार्यक्रम को एक उच्चस्तरीय मंच के रूप में तैयार किया गया है, जहां संस्थान की विशेषज्ञता को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ा जाएगा।

संस्थान के निदेशक अविनाश कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में आईआईटी जोधपुर ने बीते दो वर्षों में अनुसंधान, नवाचार और नीति सहभागिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। ‘मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस’ राज्य की विकास आवश्यकताओं को समझने और उनके समाधान के लिए सार्थक सहयोग का प्रतीक बनेगा।

आईआईटी जोधपुर ने जल, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी नियोजन एवं परिवहन, कृषि और कला एवं हस्तशिल्प जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस किया है। जोजरी नदी से जुड़े जल प्रबंधन मुद्दों पर 27 विशेषज्ञों की टीम काम कर रही है, जो जल जीवन मिशन जैसे अभियानों में योगदान दे रही है। इसके साथ ही, संस्थान एआई आधारित कृषि, भविष्य उन्मुख शहरी अवसंरचना और पारंपरिक हस्तशिल्प के तकनीकी उन्नयन पर भी कार्य कर रहा है।

इसके अलावा, आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य प्रणालियों में अंतःविषयक शोध को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा प्राचीन गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त के योगदानों को आधुनिक संदर्भ में पुनः प्रस्तुत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

शैक्षणिक विस्तार के तहत संस्थान पांच नए विभागों—एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, ऊर्जा एवं ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग, पर्यावरण एवं सतत इंजीनियरिंग और अर्थशास्त्र—की शुरुआत करेगा। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश इसी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ होगा।

पिछले दो वर्षों में संस्थान की छात्र संख्या 4,400 से बढ़कर 9,400 और संकाय संख्या 250 से बढ़कर 350 हो गई है। साथ ही, मेडटेक क्षेत्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के सहयोग से विकसित तकनीकों को उद्योग तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

‘मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस’ विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शासन के समन्वय के माध्यम से राजस्थान के लिए सतत और समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करने का संकल्प प्रस्तुत करता है।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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