अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सेंट्रल जेल में हुआ कार्यक्रम आयोजित
जोधपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समर्पण मारवाड़ सेवा संस्थान द्वारा रविवार को महिला सेंट्रल जेल में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, आत्मविश्वास बढ़ाना तथा जीवन में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।
संस्था के अध्यक्ष कपिल अरोड़ा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान महिला सेंट्रल जेल की डिप्टी जेलर लीला प्रजापत ने संस्था की महिला मोर्चा अध्यक्ष विजयलक्ष्मी अरोड़ा का साफा व माला पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने महिला बंदियों से संवाद कर उन्हें अपने अधिकारों, कर्तव्यों और समाज में महिलाओं की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में डिप्टी जेलर लीला प्रजापत और विजयलक्ष्मी अरोड़ा ने महिला बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर महिला के अंदर असीमित शक्ति और प्रतिभा छिपी होती है। आवश्यकता इस बात की है कि महिलाएं अपनी क्षमता को पहचानें और उसे सकारात्मक दिशा में विकसित करें। उन्होंने बंदियों को जीवन में आई कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
डिप्टी जेलर लीला प्रजापत ने अपने संबोधन में कहा कि नारी वह शक्ति है जिसमें पूरा ब्रह्मांड समाया हुआ है। नारी ही सृष्टि की रचयिता है और वही परिवार व समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि नारी सहनशील, धैर्यवान, संघर्षशील और सशक्त होती है। यदि महिलाएं अपने आत्मबल को पहचान लें तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिला बंदियों को समाज में महिलाओं के अधिकार, समानता और आत्मनिर्भरता के महत्व के बारे में भी बताया गया। साथ ही उन्हें अपने भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर महिला मोर्चा अध्यक्ष विजयलक्ष्मी अरोड़ा, डिप्टी जेलर लीला प्रजापत, मुख्य प्रहरी नेनू चौधरी, कविता दवे सहित महिला सेंट्रल जेल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी ने महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
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