19 मार्च से जोधपुर की शराब दुकानें रहेंगी बंद

जोधपुर, 16 मार्च। जोधपुर जिले के सभी शराब अनुज्ञाधारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें शराब व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पुलिस के बढ़ते हस्तक्षेप और सख्ती के विरोध में जिले की सभी शराब दुकानों को 19 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन बंद रखा जाएगा


पुलिस हस्तक्षेप के विरोध में 19 मार्च से जोधपुर की शराब दुकानें रहेंगी बंद

जोधपुर, 16 मार्च। जोधपुर जिले के सभी शराब अनुज्ञाधारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें शराब व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पुलिस के बढ़ते हस्तक्षेप और सख्ती के विरोध में जिले की सभी शराब दुकानों को 19 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन बंद रखा जाएगा।

बैठक में मौजूद अनुज्ञाधारियों ने बताया कि पिछले कुछ समय से पुलिस द्वारा शराब दुकानों पर अनावश्यक हस्तक्षेप बढ़ गया है, जिससे व्यापार पर गंभीर असर पड़ रहा है। इस संबंध में शराब संगठन के अध्यक्ष तेजाराम चौधरी ने बताया कि पुलिस द्वारा शराब खरीदने आने वाले ग्राहकों की गाड़ियों के चालान बनाए जा रहे हैं और कई मामलों में उन्हें पकड़कर धारा 151 के तहत बंद किया जा रहा है। इससे ग्राहकों में भय का माहौल बन रहा है और शराब दुकानों की बिक्री पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि कई बार पुलिस कर्मी निर्धारित समय से पहले ही सरकारी शराब ठेकों के बाहर खड़े हो जाते हैं, जिससे ग्राहक दुकान पर आने से कतराने लगे हैं। परिणामस्वरूप अधिकांश दुकानों की बिक्री लगभग आधी रह गई है।

तेजाराम चौधरी ने कहा कि कोरोना काल के बाद से ही शराब व्यवसाय घाटे में चल रहा है। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से प्रति माह गारंटी राशि का दबाव लगातार बना हुआ है। मौजूदा परिस्थितियों में दुकानदारों के लिए यह गारंटी उठाना बेहद मुश्किल हो गया है।

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 19 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे जोधपुर शहर की सभी शराब दुकानों को बंद कर उनकी चाबियां जिला कलेक्टर को सौंप दी जाएंगी। अनुज्ञाधारियों ने कहा कि यदि विभाग की ओर से कोई राहत या समाधान नहीं दिया जाता है, तो वे दुकानों को चलाने में असमर्थता जताते हुए इन्हें विभाग को ही सौंप देंगे।

बैठक में उपस्थित अनुज्ञाधारियों ने प्रशासन से मांग की कि व्यापारियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि वे बिना किसी भय और दबाव के अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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