कुलदीप व्यास का अत्यंत भव्य एवं गौरवपूर्ण स्वागत किया

कोलकाता, 25 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की पावन धरती पर विप्र फाउंडेशन द्वारा समाजसेवी श्री कुलदीप व्यास का भव्य एवं गौरवपूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में समाज के कई वरिष्ठजन, पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम की शोभा और अधिक बढ़ गई।

 

WhatsApp Image 2026-04-25 at 9.09.46 PM-9YwuotqfmK.jpeg
 

कोलकाता, 25 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की पावन धरती पर विप्र फाउंडेशन द्वारा समाजसेवी कुलदीप व्यास का भव्य एवं गौरवपूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में समाज के कई वरिष्ठजन, पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम की शोभा और अधिक बढ़ गई।

कार्यक्रम में विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा के सानिध्य में कुलदीप व्यास का सम्मान किया गया। इस दौरान उन्हें साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया और उनके सामाजिक योगदान की सराहना की।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि कुलदीप व्यास लंबे समय से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं और उन्होंने विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका नेतृत्व समाज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने समाज को संगठित करने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य किया है।

विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह न केवल समाजसेवियों का उत्साह बढ़ाते हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। कुलदीप व्यास का सम्मान उनके समर्पण, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है।

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कुलदीप व्यास को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता, सहयोग और समाज के उत्थान पर भी विशेष जोर दिया गया।

अंत में कुलदीप व्यास ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे आगे भी समाजसेवा के कार्यों को और अधिक समर्पण के साथ जारी रखेंगे।

कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और उपस्थित सभी लोगों ने इसे यादगार पल बताया।

 
 
 
 
 
0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response