भिक्षावृत्ति के खिलाफ जोधपुर पुलिस की कार्रवाई

जोधपुर, 17 मार्च 2026। शहर में नाबालिग बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जोधपुर पुलिस की मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एसआईयूसीएडब्ल्यू के निर्देशन में की गई, जिसमें टीम ने रातानाडा चौराहे से एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

 


भिक्षावृत्ति के खिलाफ जोधपुर पुलिस की कार्रवाई, नाबालिग बालिका का रेस्क्यू

जोधपुर, 17 मार्च 2026। शहर में नाबालिग बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जोधपुर पुलिस की मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एसआईयूसीएडब्ल्यू के निर्देशन में की गई, जिसमें टीम ने रातानाडा चौराहे से एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

पुलिस के अनुसार, शहर के प्रमुख चौराहों और ट्रैफिक सिग्नलों पर छोटे बच्चों द्वारा भीख मांगने की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 मार्च को मानव तस्करी विरोधी यूनिट जोधपुर पूर्व के प्रभारी हेड कांस्टेबल मेघाराम के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए बालिका को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया।

रेस्क्यू के बाद नाबालिग को बाल कल्याण समिति, जोधपुर के समक्ष पेश किया गया। समिति के आदेशानुसार बालिका को मंडोर स्थित राजकीय बालिका गृह में दाखिल कराया गया, जहां उसकी देखभाल और पुनर्वास की व्यवस्था की गई है।

पुलिस ने इस मामले में भिक्षावृत्ति कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस थाना रातानाडा में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और बच्चों को शोषण से बचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

इस अभियान में मानव तस्करी विरोधी यूनिट और कालिका पेट्रोलिंग टीम के सदस्यों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल मेघाराम, कांस्टेबल सुमेरसिंह, कन्हैयालाल, ओमप्रकाश (चालक) के साथ कालिका पेट्रोलिंग टीम की संतोष, गुड्डी और पूनम शामिल रही।

पुलिस प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं नाबालिग बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाई जा रही हो, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

 
 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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