जन आधार कार्ड बना आम जनता के लिए मुसीबत

जोधपुर शहर में इन दिनों जन आधार कार्ड से जुड़ी प्रक्रियाएं आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई हैं। राज्य सरकार द्वारा सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जन आधार कार्ड अनिवार्य करने के बाद, इसकी जटिल प्रक्रिया ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के अनुसार, जन आधार कार्ड में किसी भी प्रकार का अपडेट करवाने के लिए अब दो स्तर (प्रथम स्तरीय और द्वितीय स्तरीय) की स्वीकृति अनिवार्य कर दी गई है।


जोधपुर में जन आधार कार्ड बना आम जनता के लिए मुसीबत, छात्रवृत्ति और योजनाओं का लाभ अटका
स्थान: जोधपुर
जोधपुर शहर में इन दिनों जन आधार कार्ड से जुड़ी प्रक्रियाएं आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई हैं। राज्य सरकार द्वारा सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जन आधार कार्ड अनिवार्य करने के बाद, इसकी जटिल प्रक्रिया ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सूत्रों के अनुसार, जन आधार कार्ड में किसी भी प्रकार का अपडेट करवाने के लिए अब दो स्तर (प्रथम स्तरीय और द्वितीय स्तरीय) की स्वीकृति अनिवार्य कर दी गई है। इस दोहरी प्रक्रिया के चलते आवेदन लंबे समय तक लंबित रहते हैं, और कई मामलों में बिना स्पष्ट कारण के आवेदन निरस्त (Reject) कर दिए जाते हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्रों को हो रही है, जिन्होंने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है। जन आधार में त्रुटि या अपडेट न होने के कारण उनकी छात्रवृत्ति अटक गई है, जिससे उनके भविष्य पर सीधा असर पड़ रहा है।

इतना ही नहीं, जन आधार कार्ड बनवाने के लिए अब आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) भी मांगा जा रहा है, जो पहले अनिवार्य नहीं था। इससे प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है।
शिकायत के लिए सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 181 पर कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं मिल पा रहा है। आम नागरिक और ई-मित्र सेवा केंद्र संचालक लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा बिना कारण आवेदन निरस्त करना और समय पर समाधान न देना, आम जनता के साथ अन्याय है। लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि:
जन आधार प्रक्रिया को सरल बनाया जाए

अनावश्यक दस्तावेजों की मांग को हटाया जाए
द्वितीय स्तरीय सत्यापन की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए
हेल्पलाइन शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए
जनता की चेतावनी: अगर जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आम नागरिक और ई-मित्र संचालक मिलकर इस मुद्दे को लेकर बड़ा आंदोलन कर सकते हैं।

0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response