होटल एवं रेस्टोरेंट लाइसेंस शुल्क वृद्धि से होटल उद्योग चिंतित

जोधपुर में होटल एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायियों ने होटल और रेस्टोरेंट के लाइसेंस शुल्क में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई है। Hotel Federation of Rajasthan ने राज्य सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। फेडरेशन की ओर से उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी को ज्ञापन भेजा गया है। इसकी प्रतिलिपि स्वायत्त शासन विभाग के मंत्री तथा निदेशालय स्थानीय निकाय (DLB) के आयुक्त रवि जैन को भी प्रेषित की गई है।

 

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जोधपुर में होटल एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायियों ने होटल और रेस्टोरेंट के लाइसेंस शुल्क में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई है। Hotel Federation of Rajasthan ने राज्य सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

फेडरेशन की ओर से उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी को ज्ञापन भेजा गया है। इसकी प्रतिलिपि स्वायत्त शासन विभाग के मंत्री तथा निदेशालय स्थानीय निकाय (DLB) के आयुक्त रवि जैन को भी प्रेषित की गई है।

फेडरेशन के अध्यक्ष पवन मेहता और सचिव राकेश चौहान ने संयुक्त बयान में कहा कि होटल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग पहले से ही बढ़ती संचालन लागत, गैस एवं बिजली दरों में वृद्धि, बिजली कटौती के कारण जेनरेटर संचालन पर अतिरिक्त खर्च, परिवहन लागत और कर्मचारियों के बढ़ते वेतन जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में लाइसेंस शुल्क में भारी वृद्धि उद्योग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकती है।

ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित शुल्क में विभिन्न श्रेणियों में 40 प्रतिशत से लेकर लगभग 90 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। फेडरेशन का कहना है कि इसका सबसे अधिक असर छोटे और मध्यम श्रेणी के होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों पर पड़ेगा।

फेडरेशन ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यटन, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन शुल्क वृद्धि उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और संचालन व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। व्यवसायियों ने सरकार से मांग की है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक, संतुलित और उद्योग हितैषी निर्णय लिया जाए, ताकि पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र की विकास गति प्रभावित न हो।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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