भगवान शिव-पार्वती के विवाह का भव्य आयोजन

जोधपुर। श्री श्रीमाली ब्राह्मण महिला मंडल द्वारा आयोजित 16 दिवसीय गणगौर उत्सव शहर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। रुद्रप्रयाग, 23 सेक्टर में चल रहे इस आयोजन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है।

 

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जोधपुर। श्री श्रीमाली ब्राह्मण महिला मंडल द्वारा आयोजित 16 दिवसीय गणगौर उत्सव शहर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। रुद्रप्रयाग, 23 सेक्टर में चल रहे इस आयोजन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है।

मंडल की वेदान्तीनी ओझा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत भगवान भगवान गणेश की पूजा से की गई। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हल्दी, मेहंदी, महिला संगीत, मीरा और बधाई जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे 16 दिनों तक भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की रस्मों को सांस्कृतिक रूप से प्रस्तुत किया गया।

शुक्रवार को इस श्रृंखला का मुख्य आकर्षण भव्य शोभायात्रा रही, जिसमें भगवान ईसर जी का विवाह उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इसके बाद ईसर जी का कुलेवा (रथ यात्रा) बाजे-गाजे के साथ निकाला गया। इस दौरान पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी तीजणियों ने नृत्य और गीतों के माध्यम से उत्सव का आनंद उठाया और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

मंडल की अध्यक्ष संतोष दवे ने बताया कि महिला मंडल पिछले चार वर्षों से इस आयोजन को निरंतर आयोजित कर रहा है और हर वर्ष इसे और अधिक भव्य रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल परंपराओं का संरक्षण होता है, बल्कि समाज में एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव भी मजबूत होता है।

विवाह कार्यक्रम में विभिन्न पात्रों की भूमिकाएं भी आकर्षण का केंद्र रहीं। माता गौरी की ओर से पिताजी की भूमिका चंदन दवे और माताजी की भूमिका नम्रता दवे ने निभाई। वहीं भगवान ईसर जी के पिताजी श्रवण त्रिवेदी और माताजी मीनू त्रिवेदी बने। ईसर जी का स्वांग काजल बोहरा और गवर माता का स्वांग लक्षिता व्यास दवे ने प्रस्तुत किया।

इस भव्य आयोजन ने जोधपुर में सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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