जोधपुर। शहर की प्रसिद्ध कायलणा झील पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक युवती ने झील में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और गोताखोरों की तत्परता से युवती की जान बचा ली गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवती अचानक झील के किनारे पहुंची और कुछ ही क्षणों में पानी में कूद गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान हेड कांस्टेबल डूंगर सिंह ने अपनी टीम के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाला।
रेस्क्यू के दौरान स्थानीय गोताखोर भरत चौधरी और गणेश नारायण मीणा ने बिना समय गंवाए झील में छलांग लगा दी। गहरे पानी में काफी मशक्कत के बाद दोनों ने युवती को ढूंढकर बाहर निकाला। उस समय युवती अचेत अवस्था में थी, जिसे तुरंत किनारे लाकर प्राथमिक उपचार दिया गया।
इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से युवती को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, समय रहते रेस्क्यू किए जाने से उसकी जान बच पाई। यदि कुछ देर और हो जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में मामला मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। युवती के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन पुलिस और गोताखोरों की मुस्तैदी से बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू टीम की सराहना करते हुए उनकी बहादुरी को सलाम किया।
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